इंडोनेशिया के कई प्रांतों में प्रदर्शनकारियों ने संसद भवनों में आग लगा दी। राजधानी जकार्ता में इस सप्ताह की शुरुआत में सांसदों के वेतन को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू हुए थे, जो शुक्रवार को हिंसक हो गए। स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब एक पुलिस वाहन ने एक राइड-हेलिंग मोटरसाइकिल चालक को टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई।
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, घटना के बाद गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने कई सरकारी इमारतों और संसद परिसरों को निशाना बनाया। कई जगहों पर भीड़ ने बैरिकेड तोड़े, पुलिस बल पर पथराव किया और आगजनी की। पुलिस ने स्थिति को काबू में करने के लिए आंसू गैस और पानी की बौछार का इस्तेमाल किया।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सांसदों को बढ़ा हुआ वेतन देने का फैसला जनता के साथ अन्याय है, खासकर तब जब देश की अर्थव्यवस्था कई चुनौतियों से जूझ रही है और आम लोगों का जीवन कठिन हो रहा है।
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सरकार ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और कहा है कि हिंसा किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है। अधिकारियों ने दावा किया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। वहीं, प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, आंदोलन जारी रहेगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के हिंसक विरोध प्रदर्शन इंडोनेशिया के लिए गंभीर चिंता का विषय है, क्योंकि यह जनता और सरकार के बीच बढ़ते अविश्वास को दर्शाते हैं।
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