उत्तराखंड की एक कैबिनेट मंत्री के पति द्वारा बिहार की महिलाओं को लेकर दिए गए बयान पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब उत्तराखंड की महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में बिहार की महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की।
इस सप्ताह उत्तराखंड के अल्मोड़ा में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गिरधारी लाल साहू ने कहा कि बिहार में “लड़कियों को 20 से 25 हजार रुपये में शादी के लिए बेच दिया जाता है।” उनके इस बयान के सामने आते ही कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने इसकी कड़ी निंदा की। हैरानी की बात यह रही कि बिहार में सत्तारूढ़ भाजपा की राज्य इकाई ने भी इस बयान को अस्वीकार्य बताते हुए साहू से माफी की मांग की।
राजनीतिक दलों का कहना है कि इस तरह की टिप्पणी न केवल बिहार की महिलाओं का अपमान है, बल्कि पूरे राज्य की छवि को भी नुकसान पहुंचाती है। बिहार भाजपा नेताओं ने स्पष्ट किया कि वे साहू की सफाई को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं और इस बयान से पार्टी का कोई लेना-देना नहीं है।
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विवाद के बावजूद महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य और उत्तराखंड भाजपा की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, विपक्ष का आरोप है कि ऐसे बयानों से महिलाओं के प्रति असंवेदनशील सोच झलकती है और सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों को शब्दों का चयन सोच-समझकर करना चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि महिलाओं की गरिमा और सम्मान से जुड़े मुद्दों पर इस तरह की टिप्पणियां समाज में गलत संदेश देती हैं। उन्होंने मांग की कि गिरधारी लाल साहू सार्वजनिक रूप से माफी मांगें और भविष्य में ऐसी गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी से बचें।
इस बयान ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि सार्वजनिक मंचों पर बोले गए शब्द किस तरह सामाजिक सौहार्द और राज्यों के बीच आपसी सम्मान को प्रभावित कर सकते हैं।
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