रूस ने यूक्रेन पर एक बार फिर बड़े पैमाने पर रातभर हवाई हमला किया, जिसमें कम से कम 22 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में बच्चे भी शामिल हैं। हमले यूक्रेन के कई क्षेत्रों में किए गए और इससे व्यापक तबाही हुई। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने संकेत दिया है कि मॉस्को अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा और यूक्रेन पर दबाव और बढ़ाएगा।
रूस के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, हमलों का निशाना यूक्रेन के रक्षा उद्योग से जुड़े ठिकाने थे। इनमें कीव, जापोरिज्जिया, खार्किव, ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क, पोल्टावा, खमेल्नित्स्की और सुमी क्षेत्रों के कई प्रतिष्ठान शामिल थे। हालांकि यूक्रेनी अधिकारियों का कहना है कि हमलों में रिहायशी इलाके, ऊर्जा संयंत्र और अन्य नागरिक ढांचे भी प्रभावित हुए हैं।
हाल के दिनों में रूस ने ओरेशनिक हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइलों का भी इस्तेमाल किया है, जिससे यह संकेत मिलता है कि वह युद्ध में अधिक उन्नत हथियारों का प्रयोग कर रहा है। इन हमलों ने यूक्रेन की सुरक्षा व्यवस्था और वायु रक्षा क्षमता को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
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राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि 22 मई को रूसी नियंत्रण वाले लुहान्स्क क्षेत्र के स्टारोबिल्स्क में एक छात्रावास पर हुए यूक्रेनी ड्रोन हमले ने युद्ध को "एक नया आयाम" दे दिया है। इस हमले में कथित तौर पर 21 लोगों की मौत हुई थी।
विशेषज्ञों के अनुसार, यूक्रेन की सबसे बड़ी चुनौती वायु रक्षा प्रणालियों और इंटरसेप्टर मिसाइलों की कमी है। विशेष रूप से अमेरिकी निर्मित पैट्रियट मिसाइल प्रणाली के इंटरसेप्टर तेजी से कम हो रहे हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने भी स्वीकार किया है कि मौजूदा संसाधन सभी आने वाली मिसाइलों को रोकने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। ऐसे में रूस के बढ़ते हवाई हमलों के बीच यूक्रेन की स्थिति और कठिन होती जा रही है।
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