ओपनएआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सैम ऑल्टमैन ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई के बढ़ते प्रभाव और उससे जुड़े जोखिमों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि एआई की पूरी क्षमता का लाभ उठाने के लिए समाज को तकनीक के कुछ नकारात्मक प्रभावों और जोखिमों को स्वीकार करना पड़ सकता है। ऑल्टमैन के मुताबिक, एआई के विकास के साथ घोटाले, हैकिंग और तकनीक के अन्य अवैध इस्तेमाल जैसी घटनाएं होती रहेंगी।
ऑल्टमैन का मानना है कि एआई से जुड़े हर संभावित जोखिम को पूरी तरह खत्म करने की कोशिश व्यावहारिक नहीं है। उनके अनुसार, यदि तकनीक से मिलने वाले बड़े फायदे उसके नुकसान से अधिक हैं, तो कुछ जोखिमों को स्वीकार करना पड़ सकता है।
एआई के नियमन को लेकर उद्योग में भी पूरी सहमति नहीं है। एंथ्रोपिक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डारियो अमोडेई के साथ इसी मुद्दे पर ऑल्टमैन के मतभेद सामने आ चुके हैं। ऑल्टमैन का कहना है कि एआई पर जरूरत से ज्यादा सख्त नियम नवाचार की गति को प्रभावित कर सकते हैं। वह चाहते हैं कि तकनीकी कंपनियों को नए विकास के लिए पर्याप्त स्वतंत्रता मिले, जबकि सरकार एआई के इस्तेमाल के लिए उचित सीमाएं तय करे।
और पढ़ें: एआई अदालतों की मदद कर सकता है, लेकिन जजों की जगह नहीं ले सकता: सीजेआई सूर्यकांत
ऑल्टमैन ने यह भी स्पष्ट किया कि ओपनएआई नहीं चाहता कि कोई एक एआई प्रयोगशाला पूरे उद्योग पर नियंत्रण हासिल कर ले। उन्होंने एआई क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा और कई कंपनियों के विकास की जरूरत पर जोर दिया।
दूसरी ओर, डारियो अमोडेई एआई से जुड़े गंभीर खतरों को लेकर लगातार चेतावनी देते रहे हैं। उनका कहना है कि उद्योग को इन जोखिमों के बारे में अधिक पारदर्शी होना चाहिए।
एनवीडिया के प्रमुख जेनसन हुआंग ने भी एआई को लेकर अत्यधिक भय पैदा करने वाली चेतावनियों की आलोचना की है। उनका मानना है कि एआई शिक्षा और रोजगार में बड़े बदलाव लाएगा, लेकिन साथ ही नए कौशल और अवसर भी पैदा करेगा।
और पढ़ें: ट्रंप ने एआई का नाम बदलकर सुपर इंटेलिजेंस रखने का ऐलान किया, कहा- इंटरनेट से भी बड़ी तकनीक