पाकिस्तान की टीम ने चल रहे वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स (डब्ल्यूसीएल) 2026 से आधिकारिक तौर पर नाम वापस ले लिया है। यह फैसला पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) द्वारा खिलाड़ियों को टूर्नामेंट में खेलने के लिए जरूरी अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) जारी नहीं करने के बाद लिया गया। पीसीबी ने अपना फैसला बरकरार रखा है।
रिपोर्टों के मुताबिक, पाकिस्तान चैंपियंस के मालिक कामिल खान ने पीसीबी से एनओसी जारी करने के फैसले पर दोबारा विचार करने का अनुरोध किया था। हालांकि, पीसीबी ने 2025 में हुए विवाद के बाद कुछ शर्तों को लेकर अपना रुख कायम रखा। उस समय भारत चैंपियंस ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े राजनीतिक तनाव के चलते पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबला खेलने से इनकार कर दिया था।
पाकिस्तान चैंपियंस ने बयान जारी कर कहा कि टीम को डब्ल्यूसीएल में हिस्सा नहीं लेने का अफसोस है। टीम ने पीसीबी के अधिकार और उसके फैसले का सम्मान करने की बात कही। साथ ही खिलाड़ियों, समर्थकों और प्रशंसकों को उनके धैर्य, समझ और लगातार समर्थन के लिए धन्यवाद दिया।
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पाकिस्तान को मौजूदा टूर्नामेंट में बांग्लादेश के खिलाफ मुकाबला खेलना था। दोनों टीमों के बीच यह मैच 3 अक्टूबर को होना था, लेकिन इसे तकनीकी कारणों से स्थगित कर दिया गया। बाद में स्पष्ट हुआ कि पाकिस्तान की टूर्नामेंट में भागीदारी को लेकर स्थिति अनिश्चित थी।
पाकिस्तान का अगला मुकाबला ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होना था। दोनों टीमों के बीच यह मैच 5 अक्टूबर को शारजाह क्रिकेट स्टेडियम में प्रस्तावित था, लेकिन पाकिस्तान के टूर्नामेंट से हटने के बाद यह मुकाबला भी रद्द हो गया।
2025 में क्या हुआ था?
डब्ल्यूसीएल 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला प्रस्तावित था। भारत चैंपियंस ने पाकिस्तान के खिलाफ खेलने से इनकार कर दिया था। इसके बाद पीसीबी ने पाकिस्तान की भविष्य में इस टूर्नामेंट में भागीदारी पर रोक लगाने का ऐलान किया था और टूर्नामेंट तथा आयोजकों की आलोचना की थी।
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