रियाद में आयोजित होने वाले सऊदी अरब के बहुप्रतीक्षित निवेश सम्मेलन, जिसे 'डेजर्ट दावोस' के नाम से जाना जाता है, को वर्ष 2026 से स्थगित कर अब 2027 में आयोजित करने का फैसला लिया गया है। यह निर्णय ऐसे समय में सामने आया है जब क्षेत्र में हूती विद्रोहियों के हमलों की आशंका बनी हुई है।
यह सम्मेलन, जिसे औपचारिक रूप से 'फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव' (Future Investment Initiative) कहा जाता है, वैश्विक निवेशकों, कारोबारी जगत के दिग्गजों और नीति-निर्माताओं को एक मंच पर लाने के लिए जाना जाता है। इसकी तुलना अक्सर स्विट्जरलैंड के विश्व आर्थिक मंच (वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम) से की जाती है, जिसके चलते इसे 'डेजर्ट दावोस' उपनाम मिला है।
मिली जानकारी के अनुसार, रियाद प्रशासन ने सम्मेलन को टालने के साथ ही सरकारी कार्यालयों में तैनात कर्मचारियों को घर से काम करने के निर्देश भी जारी किए हैं। यह कदम हूती विद्रोहियों की ओर से हमलों की बढ़ती आशंकाओं के मद्देनज़र उठाया गया प्रतीत होता है, जो यमन में सक्रिय हैं और पहले भी सऊदी अरब के विभिन्न हिस्सों को निशाना बनाने की कोशिश कर चुके हैं।
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सऊदी अरब अपनी महत्वाकांक्षी आर्थिक विविधीकरण योजना के तहत विदेशी निवेश आकर्षित करने के प्रयासों में जुटा है, और 'डेजर्ट दावोस' इस रणनीति का एक अहम हिस्सा माना जाता है। हर साल इस सम्मेलन में दुनियाभर से बड़ी कंपनियों के प्रमुख, निवेश फंड प्रबंधक और सरकारी प्रतिनिधि भाग लेते हैं, जहां अरबों डॉलर के निवेश समझौतों पर चर्चा होती है।
सम्मेलन के स्थगन से यह संकेत मिलता है कि सऊदी प्रशासन सुरक्षा स्थिति को लेकर गंभीर है और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए एहतियाती कदम उठा रहा है। हूती विद्रोही, जो यमन में ईरान समर्थित समूह माने जाते हैं, पिछले कई वर्षों से सऊदी अरब के विभिन्न क्षेत्रों पर ड्रोन और मिसाइल हमले करते रहे हैं, जिसके चलते क्षेत्रीय सुरक्षा हमेशा चर्चा का विषय बनी रहती है।
फिलहाल सऊदी अधिकारियों की ओर से इस बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है कि आगामी सुरक्षा उपाय किस स्तर पर लागू किए जाएंगे, लेकिन सरकारी कर्मचारियों को घर से काम करने के आदेश से स्पष्ट होता है कि प्रशासन स्थिति को हल्के में नहीं ले रहा। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि 2027 में यह आयोजन किस रूप में और किन सुरक्षा इंतजामों के साथ आयोजित किया जाएगा।
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