बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने रविवार को राज्य सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने और सभी गिरफ्तार छात्रों को रिहा करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं तो राज्यभर में व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।
तेजस्वी यादव ने कहा कि छात्रों ने अपने अधिकारों और बेहतर भविष्य के लिए संघर्ष किया है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल लगातार छात्रों के आंदोलन का समर्थन करते रहे हैं और अब सरकार को भी उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
तेजस्वी यादव ने कहा, "अगर दिल्ली में आंदोलनकारियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने का फैसला हो चुका है, तो बिहार सरकार भी 24 घंटे के भीतर छात्रों पर दर्ज सभी मुकदमे वापस ले और उन्हें रिहा करे। यदि ऐसा नहीं हुआ तो हम बड़े स्तर पर जनआंदोलन शुरू करेंगे।"
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राजद नेता ने यह भी सवाल उठाया कि विभिन्न राज्यों में आंदोलन के दौरान जिन हजारों लोगों पर मुकदमे दर्ज किए गए हैं, उनके संबंध में भी स्पष्ट निर्णय लिया जाना चाहिए।
तेजस्वी यादव ने उन पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की, जिन पर छात्रों पर गोली चलाने का आरोप है। उन्होंने कथित पुलिस कार्रवाई में घायल छात्रों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों पर बल प्रयोग करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सरकार को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।
उधर, बिहार पुलिस के अनुसार पटना, सारण, सीवान, औरंगाबाद और भागलपुर में बंद के दौरान प्रदर्शन हिंसक हो गए, जबकि समस्तीपुर, नवादा और नालंदा में प्रदर्शन अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण रहे। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि सीवान में प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने छात्रों पर सीधे गोलीबारी की।
इस बीच कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने केंद्र सरकार द्वारा अपनी मांगें स्वीकार किए जाने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर चल रहा आंदोलन वापस लेने की घोषणा कर दी है।
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