भारत और ब्रिटेन के बीच रक्षा सहयोग के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई है। भारतीय वायुसेना के तीन क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर (क्यूएफआई) ब्रिटेन के वेल्स स्थित रॉयल एयर फोर्स (आरएएफ) वैली में शामिल हो गए हैं। ये अधिकारी ब्रिटिश वायुसेना के फास्ट-जेट पायलटों को प्रशिक्षण देंगे। यह पहली बार है जब भारतीय वायुसेना के क्यूएफआई को ब्रिटेन में तैनात किया गया है।
भारतीय वायुसेना के मीडिया समन्वय केंद्र ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर इस उपलब्धि की जानकारी दी। वायुसेना ने इसे भारत-ब्रिटेन रक्षा सहयोग में एक ऐतिहासिक कदम बताया। साथ ही कहा कि क्यूएफआई की तैनाती पेशेवर उत्कृष्टता, आपसी संचालन क्षमता और भारत-ब्रिटेन के मजबूत एवं दीर्घकालिक संबंधों के साझा संकल्प को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
यह घटनाक्रम दोनों देशों के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग के बीच हुआ है। अप्रैल में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने ब्रिटेन के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जोनाथन निकोलस पॉवेल के साथ क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की थी। दोनों अधिकारियों ने मौजूदा भारत-ब्रिटेन रक्षा सहयोग ढांचे की प्रगति की भी समीक्षा की थी।
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विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी पॉवेल के साथ क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा की थी। वहीं, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और पॉवेल के बीच वार्ता वार्षिक भारत-ब्रिटेन रणनीतिक संवाद पर केंद्रित रही।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने पिछले वर्ष अपनी बैठक के दौरान दोनों देशों की सेनाओं के बीच संयुक्त अभ्यास, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के जरिए आदान-प्रदान बढ़ाने पर सहमति जताई थी।
दोनों देशों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा सहयोग मजबूत करने और प्रशिक्षण संबंधों को विस्तार देने की प्रतिबद्धता भी जताई थी। भारतीय क्यूएफआई की ब्रिटिश वायुसेना के प्रशिक्षण कार्यक्रम में भागीदारी इसी बढ़ते रक्षा सहयोग का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
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