अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत फिर से खोलना चाहता है, क्योंकि जलमार्ग बंद होने के बाद देश पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है। ट्रंप ने कहा कि ईरान ने दुनिया के लिए समस्या पैदा करने के प्रयास में रणनीतिक जलडमरूमध्य को बंद करके खुद को ही नुकसान पहुंचाया।
ट्रंप ने कहा कि ईरान तत्काल होर्मुज जलडमरूमध्य खोलना चाहता है, क्योंकि वहां से होने वाली आय प्रभावित हुई है। उन्होंने दावा किया कि ईरान की आर्थिक स्थिति पर दबाव बढ़ रहा है और इसी कारण वह जलमार्ग को दोबारा खोलना चाहता है।
ट्रंप का ‘स्टील की दीवार’ वाला दावा
ट्रंप ने कहा कि ईरान ने जलडमरूमध्य बंद कर दुनिया के लिए मुश्किल खड़ी करने की कोशिश की, जिसके जवाब में अमेरिका ने अपने शब्दों में सैन्य इतिहास की सबसे बड़ी नाकाबंदी लागू की। उन्होंने इसे ‘‘स्टील की दीवार’’ बताया और कहा कि इसके कारण ईरान को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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ईरान ने फरवरी के अंत में अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद प्रभावी रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया था। इसके बाद इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों की संख्या काफी कम हुई है। ईरान की ओर से जहाजों को धमकियों और हमलों की खबरों के बीच समुद्री यातायात प्रभावित हुआ है।
ईरान ने रखा था सात दिन का प्रस्ताव
ट्रंप की टिप्पणी ईरान के उस प्रस्ताव को खारिज करने के बाद आई है, जिसमें उसने सात दिन के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और अपने परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत शुरू करने की पेशकश की थी। इसके लिए ईरान ने अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी हटाने, अपने तेल निर्यात पर प्रतिबंधों में राहत और लेबनान सहित युद्धविराम की शर्त रखी थी।
ईरान बोला- बातचीत से निकलेगा समाधान
अमेरिका के प्रस्ताव ठुकराने के बाद ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि गतिरोध खत्म करने का एकमात्र रास्ता बातचीत है। उन्होंने कहा कि होर्मुज को खोलने की ईरान की शर्तें नहीं बदली हैं और अंतिम फैसला लेने से पहले तेहरान मध्यस्थों के जरिए अमेरिका की औपचारिक प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहा है।
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