मणिपुर के सेनापति जिले में हिंसा की एक ताजा घटना में हथियारबंद हमलावरों ने दो नगा नागरिकों की गोली मारकर हत्या कर दी, जबकि दो अन्य लोग घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया है। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने कालेनजांग गांव के ग्राम प्रधान के घर के अंदर मौजूद लोगों पर गोलीबारी की।
पुलिस गोलीबारी की सूचना मिलने के तुरंत बाद मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। हालांकि, हमले के पीछे की वजह और हमलावरों की पहचान को लेकर फिलहाल आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
मृतकों की पहचान सेनापति जिले के अलग-अलग गांवों के रहने वाले रॉकी और कुमार के रूप में हुई है। घायल दोनों लोगों की पहचान और उनकी स्थिति की तत्काल जानकारी उपलब्ध नहीं हो सकी। स्थानीय सूत्रों ने हमले के पीछे कुकी समुदाय के सदस्यों का हाथ होने का आरोप लगाया है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
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यह घटना कामजोंग जिले में भारत-म्यांमार सीमा के पास चार नागरिकों की हत्या के दो दिन बाद हुई है। लगातार हो रही घटनाओं से नगा नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने घटना की निंदा करते हुए इसे निर्दोष लोगों के खिलाफ ‘‘कायरतापूर्ण हिंसा’’ बताया। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, घायल दोनों लोगों को तत्काल इलाज के लिए सेनापति के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
शनिवार को मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह माओ क्षेत्र में थे, जो घटनास्थल से करीब 30 किलोमीटर दूर है। वह मराम स्थित डॉन बॉस्को कॉलेज के रजत जयंती समारोह में शामिल हुए थे।
यह गोलीबारी उस दिन हुई, जब यूनाइटेड नगा काउंसिल (यूएनसी) ने केंद्र और मणिपुर सरकार के साथ असम में हुई त्रिपक्षीय वार्ता के बाद आर्थिक नाकेबंदी अस्थायी रूप से रोकने पर सहमति जताई। यूएनसी छह नगा युवकों की हत्या के मामले में न्याय समेत कई मांगें उठा रहा है।
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