अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि आगामी मध्यावधि चुनाव से पहले ईरान के खिलाफ फिर से सैन्य कार्रवाई संभव है। वहीं, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा है कि उनका देश अमेरिका के साथ दोबारा युद्ध शुरू होने की स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार है और इसे उन्होंने ‘कयामत की जंग’ बताया।
ट्रंप ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि ईरान के साथ संघर्ष जल्द समाप्त हो जाएगा। उन्होंने दावा किया कि युद्ध खत्म होने के बाद वैश्विक तेल कीमतों में भारी गिरावट आएगी। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका का मुख्य उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है।
जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या मध्यावधि चुनाव से पहले ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य हमले दोबारा शुरू हो सकते हैं, तो उन्होंने इस संभावना को खारिज नहीं किया। उन्होंने कहा कि यह संभव है, लेकिन वह इस बारे में स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कहना चाहते।
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ट्रंप ने ईरान की अर्थव्यवस्था पर भी टिप्पणी करते हुए दावा किया कि अमेरिकी दबाव के कारण उसकी अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि अमेरिका संघर्ष में बड़ी बढ़त बनाए हुए है।
ईरान ने कहा- युद्ध के लिए तैयार
इस बीच, ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने एक साक्षात्कार में कहा कि ईरान किसी भी नए अमेरिकी हमले का सामना करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि उनका देश अपने राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं करेगा और जरूरत पड़ने पर गंभीर सैन्य संघर्ष के लिए भी तैयार रहेगा।
अराघची ने कहा कि ईरान अमेरिका के मध्यावधि चुनावों की चिंता नहीं करता और उसका ध्यान अपने राष्ट्रीय हितों पर है। हालांकि, उन्होंने साथ ही कूटनीति का रास्ता खुला रखने की बात कही और कहा कि आगे का फैसला ट्रंप को करना है।
ट्रंप द्वारा ईरान के प्रस्ताव को सार्वजनिक रूप से खारिज किए जाने पर अराघची ने कहा कि यह फैसला अभी आधिकारिक राजनयिक माध्यमों से तेहरान को नहीं बताया गया है।
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने के बदले बातचीत के जरिए समझौते की इच्छा जताई है। अराघची के अनुसार, ईरान अपने कथित रूप से जमे हुए धन और संपत्तियों की रिहाई तथा तेल बेचने की अनुमति चाहता है। उन्होंने कहा कि ये शर्तें जून में हुए अस्थायी युद्धविराम समझौते से जुड़ी थीं, जो बाद में दोनों पक्षों के हमलों के बाद टूट गया।
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