संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने बुधवार को घोषणा की कि उसने क्षेत्र में बढ़ते तनाव और सुरक्षा चिंताओं के बीच ईरान के साथ सभी व्यापारिक, वाणिज्यिक और वित्तीय लेनदेन अगली सूचना तक रोक दिए हैं। अबू धाबी ने आरोप लगाया कि तेहरान ने खाड़ी क्षेत्र में उसके आसपास बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। यह घटनाक्रम अमेरिका-ईरान संघर्ष के क्षेत्रीय स्तर पर बढ़ने के बीच सामने आया है।
यूएई के विदेश मंत्रालय की संचार निदेशक अफरा अल हमेली ने कहा कि क्षेत्रीय तनाव बढ़ने के मद्देनजर ईरान के साथ सभी व्यापार, वाणिज्यिक आदान-प्रदान और वित्तीय लेनदेन अगली सूचना तक रोक दिए गए हैं।
यूएई ने ईरान पर खाड़ी में जहाजों के आवागमन वाले मार्गों की ओर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागने का आरोप लगाया। यूएई के अनुसार, उसकी वायु रक्षा प्रणालियों ने दोनों मिसाइलों का पता लगाया। इनमें से एक देश के क्षेत्रीय जल से बाहर गिरी, जबकि दूसरी उसके क्षेत्रीय जल में जा गिरी। बाद में यूएई ने कहा कि उसके आकलन के अनुसार मिसाइलों को समुद्री नौवहन को निशाना बनाकर दागा गया था और वे अंततः समुद्र में गिर गईं।
और पढ़ें: होर्मुज समझौते को लेकर ट्रंप की ओमान को धमकी, बोले- ईरान के साथ दखल दिया तो बम बरसाएंगे
हालांकि, ईरान ने इन आरोपों से इनकार किया। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने यूएई के दावों को निराधार बताया और कहा कि इस तरह के आरोप क्षेत्रीय विश्वास तथा मौजूदा सुरक्षा प्रयासों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव बढ़ा हुआ है। यह वैश्विक व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है और यूएई के बंदरगाहों से निकलने वाले जहाजों को इससे गुजरना पड़ता है। ईरान पहले चेतावनी दे चुका है कि अमेरिका के साथ शांति समझौता होने तक जलडमरूमध्य बंद रहेगा।
यूएई के पहले बयान से कुछ समय पहले लोगों के मोबाइल फोन पर संभावित मिसाइल खतरे को लेकर आपातकालीन चेतावनी भेजी गई और उन्हें नजदीकी सुरक्षित इमारत में शरण लेने की सलाह दी गई। हालांकि, यह चेतावनी कुछ ही समय बाद हटा ली गई।
यूएई ने हाल के हफ्तों में सरकारी कंपनी अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (एडीएनओसी) द्वारा संचालित टैंकरों पर भी बार-बार हमलों की जानकारी दी है। 28 फरवरी को मध्य पूर्व संघर्ष शुरू होने के बाद से यूएई ने अपने क्षेत्र की ओर करीब 3,000 मिसाइल और ड्रोन दागे जाने की जानकारी दी है। जून में लागू एक समझौता कुछ समय के लिए तनाव कम करने में सफल रहा था, लेकिन बाद में उसके विफल होने से क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर नई चिंताएं बढ़ गई हैं।
और पढ़ें: ईरान और ओमान के बीच होर्मुज से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही पर समझौता, ट्रंप के बयान पर तेहरान का पलटवार