मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच युद्धविराम की समयसीमा नजदीक आने पर संयुक्त राज्य अमेरिका एक बार फिर ईरान के साथ आमने-सामने वार्ता करने पर विचार कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, अभी इस पर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है, लेकिन अमेरिकी अधिकारी संभावित तारीख और स्थान पर चर्चा कर रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, यह योजना शुरुआती चरण में है और आने वाले दिनों में ईरान तथा क्षेत्रीय मध्यस्थ देशों के साथ चल रही बातचीत पर काफी हद तक निर्भर करेगी। एक अधिकारी ने कहा कि यदि स्थिति उस दिशा में बढ़ती है, तो तेजी से बैठक आयोजित करने की तैयारी रखनी होगी।
इससे पहले 11 अप्रैल को इस्लामाबाद में लंबी बैठक के दौरान बातचीत एक महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंची थी। यह वार्ता कई हफ्तों की कूटनीतिक कोशिशों के बाद हुई थी, जिसमें पाकिस्तान, तुर्की, मिस्र और ओमान जैसे देशों ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी।
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क्षेत्रीय सूत्रों का कहना है कि बातचीत का एक और दौर संभव है। तुर्की इस समय तनाव कम करने और दोनों पक्षों को समझौते के करीब लाने में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
इस्लामाबाद को चुनने से पहले जिनेवा, वियना और इस्तांबुल जैसे शहरों पर भी विचार किया गया था। अब फिर से जिनेवा और इस्लामाबाद को संभावित स्थानों के रूप में देखा जा रहा है।
अमेरिकी प्रशासन इस प्रक्रिया को लेकर सतर्क आशावादी बना हुआ है। यदि बातचीत में प्रगति होती है, तो दोनों देश वार्ता जारी रखने के लिए युद्धविराम की अवधि बढ़ाने पर भी सहमत हो सकते हैं।
हालांकि, इस्लामाबाद में हाल ही में हुई अमेरिका-ईरान वार्ता बिना किसी ठोस नतीजे के समाप्त हो गई। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बताया कि करीब 21 घंटे की बातचीत के बावजूद कोई समझौता नहीं हो सका।
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