वेनेज़ुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने मंगलवार (6 जनवरी, 2026) को साफ कहा कि उनके देश पर किसी भी विदेशी शक्ति का शासन नहीं है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि काराकास जल्द ही लाखों बैरल तेल अमेरिका को सौंपेगा।
डेल्सी रोड्रिगेज, जो अपदस्थ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के कार्यकाल में उपराष्ट्रपति थीं, ने ट्रंप प्रशासन के साथ सहयोग को लेकर मिले-जुले संकेत दिए हैं। कभी वे नरम रुख अपनाती दिखती हैं, तो कभी आक्रामक। अमेरिकी विशेष बलों द्वारा काराकास में छापेमारी कर मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लिए जाने के तीन दिन बाद उन्होंने कहा, “वेनेज़ुएला की सरकार हमारे देश का संचालन कर रही है, कोई विदेशी एजेंट नहीं।”
वहीं, ट्रंप लगातार दावा कर रहे हैं कि अब वेनेज़ुएला पर वॉशिंगटन का नियंत्रण है और उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि रोड्रिगेज अमेरिका को वेनेज़ुएला के विशाल तेल भंडारों तक पहुंच देती हैं, तो वे उनके साथ काम करने को तैयार हैं। ट्रंप ने अपने रिपोर्ट में कहा कि वेनेज़ुएला अमेरिका को 3 से 5 करोड़ बैरल उच्च गुणवत्ता वाला प्रतिबंधित तेल सौंपेगा और उससे होने वाली आय उनके नियंत्रण में रहेगी।
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डेल्सी रोड्रिगेज ने अमेरिकी हमलों में मारे गए लोगों को “शहीद” बताते हुए कहा कि वेनेज़ुएला आत्मसमर्पण करने वाला देश नहीं है। सरकार ने मृतकों के सम्मान में सात दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। सेना ने पहली बार पुष्टि करते हुए बताया कि अमेरिकी हमलों में 23 सैनिक, जिनमें पांच जनरल शामिल हैं, मारे गए। क्यूबा ने भी अपने 32 सैन्य कर्मियों की मौत की जानकारी दी है।
काराकास में हजारों समर्थकों ने मादुरो दंपति की रिहाई की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। इस बीच, डेल्सी रोड्रिगेज को सत्ता संभालते हुए कड़े सुरक्षा तंत्र, विपक्ष के अविश्वास और अंतरराष्ट्रीय दबाव जैसी बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
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