वेनेजुएला की संसद ने सोमवार (5 जनवरी, 2025) को डेल्सी रोड्रिगेज को देश की अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में शपथ दिलाई। यह घटनाक्रम अमेरिका द्वारा पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को न्यूयॉर्क में ड्रग तस्करी के आरोपों में मुकदमे का सामना करने के लिए हिरासत में लेने के दो दिन बाद हुआ।
डेल्सी रोड्रिगेज ने नेशनल असेंबली में आयोजित समारोह के दौरान पद और गोपनीयता की शपथ ली। उन्होंने कहा कि वह यह जिम्मेदारी “सभी वेनेजुएलावासियों के नाम पर” स्वीकार कर रही हैं। शपथ के बाद अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि उन्हें “हमारे नायकों के अपहरण, अमेरिका में बंधक बनाए जाने” का गहरा दुख है, जिसमें उन्होंने मादुरो और उनकी पत्नी का जिक्र किया।
संसद ने वामपंथी नेता मादुरो की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की और उनकी जगह रोड्रिगेज को पूरा समर्थन देने का संकल्प जताया। इस दौरान डेल्सी रोड्रिगेज के भाई जॉर्ज रोड्रिगेज को एक बार फिर संसद का अध्यक्ष चुना गया, जिससे प्रभावशाली भाई-बहन की जोड़ी के हाथों में कार्यपालिका और विधायिका दोनों की कमान आ गई।
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संसद सत्र की शुरुआत “लेट्स गो नीको!” के नारों के साथ हुई, जो 2024 के राष्ट्रपति चुनाव अभियान का नारा था। ये चुनाव विपक्ष और अमेरिका सहित कई देशों द्वारा धांधलीपूर्ण बताए गए थे।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर अमेरिकी सेना ने 4 जनवरी को कराकास में कार्रवाई कर मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार किया। इस पर वरिष्ठ सांसद फर्नांडो सोटो रोजास ने कहा कि अमेरिका खुद को दुनिया का अभियोजक, जज और पुलिस समझता है, लेकिन वह अपने इरादों में सफल नहीं होगा।
वेनेजुएला की सुप्रीम कोर्ट और सेना पहले ही डेल्सी रोड्रिगेज को अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में समर्थन दे चुके हैं। मादुरो के बेटे निकोलस मादुरो गुएरा ने भी रोड्रिगेज को समर्थन देते हुए कहा कि उनके माता-पिता की वापसी तक देश “सुरक्षित हाथों” में है। वहीं, डेल्सी रोड्रिगेज ने बाद में वॉशिंगटन के साथ सहयोग का प्रस्ताव भी रखा, हालांकि ट्रंप ने चेतावनी दी कि अमेरिकी मांगें न मानने पर उन्हें भी कड़े परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
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