राज्यसभा सांसद आदित्य साहू झारखंड भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नए प्रदेश अध्यक्ष बनने जा रहे हैं। मंगलवार (13 जनवरी, 2026) को उन्होंने इस पद के लिए नामांकन दाखिल किया और वे एकमात्र उम्मीदवार रहे। ऐसे में उनका निर्विरोध चुना जाना लगभग तय माना जा रहा है।
आदित्य साहू मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष और झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी की जगह लेंगे। बाबूलाल मरांडी फिलहाल विधानसभा में विपक्ष के नेता की भूमिका निभा रहे हैं और पार्टी संगठन की कमान अब नए नेतृत्व को सौंपने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए नामांकन प्रक्रिया के संचालन के लिए केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर केंद्रीय मंत्री और राज्य चुनाव अधिकारी जुएल ओराम रांची पहुंचे थे। उनके समक्ष ही नामांकन की औपचारिकताएं पूरी की गईं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, आदित्य साहू को संगठन और नेतृत्व दोनों का भरोसा हासिल है, जिसके चलते उनके नाम पर व्यापक सहमति बनी।
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आदित्य साहू के प्रदेश अध्यक्ष बनने को झारखंड की राजनीति में भाजपा के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि उनके नेतृत्व में पार्टी संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को एकजुट करने और आगामी चुनावों के लिए रणनीति तैयार करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
राज्यसभा सांसद के रूप में आदित्य साहू ने संगठनात्मक और संसदीय स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाई है। पार्टी के भीतर उनकी छवि एक अनुशासित और संवादशील नेता की रही है। भाजपा नेतृत्व को उम्मीद है कि उनके अनुभव और नई ऊर्जा से झारखंड में पार्टी की स्थिति को और सुदृढ़ किया जा सकेगा।
प्रदेश में राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं और ऐसे में भाजपा का नया नेतृत्व संगठनात्मक मजबूती के साथ-साथ जन मुद्दों को लेकर भी आक्रामक रणनीति अपनाने की दिशा में काम करेगा। आदित्य साहू की ताजपोशी से झारखंड भाजपा में एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है।
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