दिल्ली एनसीआर में बढ़ती वायु प्रदूषण की समस्या को देखते हुए, ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेस (AIIMS) एक बड़ा अध्ययन शुरू करने जा रहा है। इस अध्ययन का उद्देश्य यह पता लगाना है कि वायु प्रदूषण के संपर्क में आने से फेफड़ों के कैंसर का खतरा कितना बढ़ता है और कौन से समूह अधिक संवेदनशील हैं।
अध्ययन के तहत दिल्ली एनसीआर के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले लोगों की स्वास्थ्य स्थिति, उनके जीवनशैली के पैटर्न और प्रदूषण स्तर का विस्तृत विश्लेषण किया जाएगा। AIIMS के विशेषज्ञों ने बताया कि यह अध्ययन वर्षभर चलेगा और इसमें वायु प्रदूषण के प्रकार, कणों की मात्रा, और दीर्घकालिक स्वास्थ्य प्रभावों का आकलन किया जाएगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, दिल्ली और इसके आसपास के क्षेत्रों में हवा में पीएम 2.5 और पीएम 10 जैसे छोटे कणों का स्तर बेहद उच्च है, जो फेफड़ों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं। फेफड़ों का कैंसर इन प्रदूषकों के लंबे समय तक संपर्क में रहने से विकसित होने की संभावना बढ़ जाती है।
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इस अध्ययन में शहर के विभिन्न आयु समूहों, पेशे और जीवनशैली वाले लोगों को शामिल किया जाएगा। अध्ययन के परिणामों के आधार पर नीति निर्धारकों को प्रदूषण नियंत्रण और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए रणनीतियाँ बनाने में मदद मिलेगी।
AIIMS के सूत्रों ने कहा कि यह शोध न केवल दिल्ली एनसीआर, बल्कि पूरे देश में वायु प्रदूषण और स्वास्थ्य जोखिमों को समझने के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। इसके परिणामों से सरकारी और स्वास्थ्य संगठनों को भविष्य में जनता को सुरक्षित रखने और प्रदूषण नियंत्रण के लिए बेहतर उपाय करने में सहायता मिलेगी।
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