बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय समन्वयक आकाश आनंद ने उत्तर प्रदेश के हाथरस में आयोजित चुनावी सभा में समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने दोनों नेताओं को ‘अंकल’ कहकर संबोधित किया। आकाश आनंद ने कहा कि वह 30 साल के हैं, जबकि अखिलेश यादव करीब 50 वर्ष के हैं, इसलिए उन्हें ‘अंकल’ कहना स्वाभाविक है।
आकाश आनंद ने राहुल गांधी को भी ‘राहुल अंकल’ कहते हुए आरोप लगाया कि वह अक्सर डॉ. भीमराव आंबेडकर का नाम लेते हैं, लेकिन कांग्रेस शासित राज्यों में भी ऐसी नीतियां लागू हैं, जिनका पार्टी अन्य जगहों पर विरोध करती है। उन्होंने कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी को एक ही सिक्के के दो पहलू बताया।
अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए आकाश आनंद ने कहा कि वह उनका पूरा सम्मान करते हैं, लेकिन उम्र के अंतर के कारण उन्हें ‘अखिलेश भैया’ नहीं बल्कि ‘अखिलेश अंकल’ कहेंगे। उन्होंने समाजवादी पार्टी के पीडीए यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वाले नारे पर भी सवाल उठाया और आरोप लगाया कि इसका अर्थ राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार बदला जाता है।
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आकाश आनंद ने अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान कानून-व्यवस्था और मुजफ्फरनगर दंगों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2012 से 2017 के बीच प्रदेश में कई दंगे हुए और मुजफ्फरनगर हिंसा में 40 से अधिक लोगों की जान गई।
बसपा नेता ने भाजपा सरकार को भी रोजगार, शिक्षा, महंगाई और कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर घेरा। उन्होंने कहा कि सरकारी विभागों में बड़ी संख्या में पद खाली हैं और पेपर लीक की घटनाओं से युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है।
आरक्षण के मुद्दे पर आकाश आनंद ने आरोप लगाया कि युवाओं को आपस में बांटने के लिए ‘आरक्षण हटाओ’ का मुद्दा खड़ा किया जा रहा है। उन्होंने सरकार से रोजगार, शिक्षा और सरकारी नौकरियों की संख्या बढ़ाने का हिसाब देने की मांग की।
सभा के अंत में उन्होंने लोगों से बसपा प्रत्याशी डॉ. अवनीश शर्मा के समर्थन में मतदान करने और उत्तर प्रदेश में मायावती को पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनाने की अपील की।
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