केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार (6 फरवरी 2026) को जम्मू-कश्मीर के अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्र का दौरा करते हुए सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए उन्नत तकनीकी समाधानों की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बदलती परिस्थितियों और आधुनिक तकनीक से पैदा हो रही नई चुनौतियों का मुकाबला भी अत्याधुनिक तकनीक से ही किया जा सकता है।
अमित शाह ने कहा कि कुछ साल पहले जो चुनौतियां थीं, वे आज पूरी तरह बदल चुकी हैं। वर्तमान में दुश्मन नई तकनीकों का इस्तेमाल कर रहा है, जिससे सुरक्षा एजेंसियों को भी अपनी रणनीतियों और उपकरणों को आधुनिक बनाना जरूरी हो गया है। हाल के समय में जम्मू-कश्मीर की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर मानव रहित हवाई वाहनों (यूएवी) की गतिविधियों में बढ़ोतरी देखी गई है। इन ड्रोन का इस्तेमाल कथित तौर पर हथियार और अन्य सामग्री गिराने के लिए किया जा रहा है, जो सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
गृह मंत्री ने कठुआ सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों से मुलाकात की और उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सीमाओं की सुरक्षा में लगे जवान देश की रक्षा की पहली पंक्ति हैं और उनकी सतर्कता बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने अग्रिम चौकियों पर तैनात जवानों से लगातार चौकन्ना रहने और हर चुनौती का मुकाबला करने के लिए तैयार रहने का आह्वान किया।
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अमित शाह ने सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए आधुनिक उपकरणों और नई तकनीकों को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार सीमा प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है और जवानों को बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
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