बिहार की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मोकामा से विधायक अनंत सिंह को जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। इसके साथ ही पार्टी ने उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द करने की सिफारिश भी की है। इस फैसले से बिहार की सियासत में हलचल तेज हो गई है।
अनंत सिंह मोकामा विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं और स्थानीय राजनीति में उन्हें ‘छोटे सरकार’ के नाम से जाना जाता है। वह पांच बार विधायक चुने जा चुके हैं। उनका राजनीतिक सफर लंबे समय से चर्चा में रहा है। हालांकि, कई आपराधिक मामलों के कारण उनकी छवि विवादों से भी घिरी रही है।
कौन हैं अनंत सिंह?
अनंत सिंह बिहार के चर्चित नेताओं में शामिल हैं। वह मोकामा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनके खिलाफ हत्या, मारपीट और अवैध हथियार रखने सहित कई आपराधिक मामलों में आरोप लग चुके हैं। इन मामलों के चलते वह अक्सर राजनीतिक और कानूनी चर्चाओं में बने रहते हैं।
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वर्ष 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में अनंत सिंह ने मोकामा सीट से जीत दर्ज की थी। एक हत्या के मामले में हिरासत में रहने के दौरान भी उन्होंने विधायक पद की शपथ ली थी। उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर अब जेडीयू के इस फैसले के बाद सवाल उठ रहे हैं।
दुलारचंद यादव हत्याकांड में मिली जमानत
अनंत सिंह का नाम दुलारचंद यादव हत्याकांड में भी सामने आया है। इस मामले में वह न्यायिक प्रक्रिया का सामना कर रहे हैं। हाल ही में पटना उच्च न्यायालय ने उन्हें इस मामले में जमानत दी थी।
जेडीयू ने उन्हें छह साल के लिए निष्कासित करने के साथ विधानसभा सदस्यता रद्द करने की सिफारिश की है। हालांकि, सदस्यता पर अंतिम फैसला संबंधित संवैधानिक और विधायी प्रक्रिया के तहत होगा। पार्टी के इस कदम का बिहार की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा, इस पर आगे नजर रहेगी।
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