आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने सोमवार को अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे पश्चिम एशिया में फंसे तेलुगू लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करें। ये लोग क्षेत्र में हो रहे संघर्ष के कारण वहां फंसे हुए हैं।
28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले ने युद्ध को जन्म दिया, जिससे कई पड़ोसी अरब देशों में स्थिति खराब हो गई। इन देशों में लाखों भारतीय नागरिक रहते हैं, जिनमें तेलुगू लोग भी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री नायडू ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए हैं कि युद्ध में फंसे तेलुगू नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार इस संकट से निपटने के लिए हर संभव प्रयास करेगी और तेलुगू लोगों की सुरक्षा और कल्याण को प्राथमिकता देगी।
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यह निर्देश उस समय आया जब पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष ने कई भारतीयों, खासकर तेलुगू प्रवासियों को मुश्किल में डाल दिया है। राज्य सरकार द्वारा यह कदम तेलुगू लोगों की चिंता को देखते हुए उठाया गया है, जो इस क्षेत्र में फंसे हुए हैं और उनकी घर वापसी के लिए कई समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे विदेश मंत्रालय और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर इस संकट से निपटने के उपायों को सक्रिय करें और सुनिश्चित करें कि प्रभावित नागरिकों को जल्दी और सुरक्षित तरीके से अपने घर लौटने का अवसर मिले।
आंध्र प्रदेश सरकार तेलुगू लोगों के लिए एक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने की योजना बना रही है और इसे जल्द ही लागू करने के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
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