आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में स्थित प्रसिद्ध अरसाविल्ली सूर्य भगवान मंदिर में रथ सप्तमी के पावन अवसर पर रविवार (25 जनवरी 2026) को श्रद्धालुओं की अभूतपूर्व भीड़ देखने को मिली। देश के विभिन्न हिस्सों से आए हजारों भक्तों ने मंदिर पहुंचकर भगवान श्री सूर्यनारायण स्वामी के दर्शन किए।
रविवार के सुबह से ही मंदिर परिसर और उसके आसपास श्रद्धालुओं की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। ‘सर्व दर्शन’, टिकटधारी श्रद्धालुओं और दानदाताओं के लिए अलग-अलग पंक्तियां बनाई गई थीं, लेकिन भीड़ इतनी अधिक थी कि सभी व्यवस्थाएं दबाव में आ गईं। कई श्रद्धालु शनिवार (24 जनवरी 2026) की रात से ही दर्शन के लिए कतारों में खड़े थे।
दर्शन की प्रतीक्षा कर रहे भक्तों को भारी भीड़ के कारण धक्का-मुक्की और भगदड़ जैसे हालात का भी सामना करना पड़ा। लंबे समय तक खड़े रहने और अव्यवस्थित भीड़ के चलते कई श्रद्धालु परेशान नजर आए। हालांकि मंदिर प्रशासन और पुलिस ने स्थिति को संभालने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की और भीड़ नियंत्रण के प्रयास किए।
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रथ सप्तमी को सूर्य भगवान के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है और अरसाविल्ली सूर्य मंदिर इस दिन विशेष धार्मिक महत्व रखता है। इस अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना और अनुष्ठान किए गए, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से शांति और संयम बनाए रखने की अपील की, ताकि सभी को सुरक्षित और सुचारू रूप से दर्शन का अवसर मिल सके। भारी भीड़ के बावजूद भक्तों में उत्साह और आस्था का माहौल बना रहा और लोग भगवान सूर्यनारायण से सुख-समृद्धि की कामना करते नजर आए।
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