सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में अग्रिम क्षेत्रों का दौरा कर वहां तैनात भारतीय सेना के जवानों की परिचालन तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अग्रिम मोर्चों पर तैनात सैनिकों से बातचीत की और मौजूदा सुरक्षा परिदृश्य की जानकारी ली।
दौरे के दौरान जनरल द्विवेदी ने कठिन परिस्थितियों में डटे जवानों के उच्च मनोबल, अनुशासन और पेशेवर दक्षता की सराहना की। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात सैनिक देश की सुरक्षा की पहली पंक्ति हैं और उनकी तत्परता राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। सेना प्रमुख ने जवानों को हर परिस्थिति के लिए सतर्क और तैयार रहने का संदेश दिया।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, सेना प्रमुख ने पुंछ के कमसर गांव में भी रुककर 18 जम्मू-कश्मीर राइफल्स के सेवानिवृत्त सूबेदार (मानद कप्तान) पारवेज अहमद से मुलाकात की। यह मुलाकात भावनात्मक रही, क्योंकि जनरल उपेंद्र द्विवेदी और सूबेदार पारवेज अहमद ने अतीत में कई मौकों पर साथ सेवा की है। विशेष रूप से वर्ष 2002 से 2005 के बीच, जब जनरल द्विवेदी उस बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर थे।
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सूबेदार पारवेज अहमद ने मार्च 1991 में भारतीय सेना में भर्ती होकर मार्च 2019 में 28 वर्षों की गौरवशाली सेवा के बाद सेवानिवृत्ति ली। अपने लंबे सैन्य करियर के दौरान उन्होंने विभिन्न परिचालन क्षेत्रों में सेवा दी और प्रशिक्षण संस्थानों में अनुदेशक के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने कई विशेषीकृत सैन्य पाठ्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और अपनी निष्ठा व समर्पण के लिए सम्मानित भी हुए। सेना प्रमुख ने उनके योगदान की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे अनुभवी सैनिक आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा हैं।
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