मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी पर की गई अपनी विवादित टिप्पणी को लेकर एक बार फिर माफी मांगी है। उन्होंने कहा कि यह बयान उन्होंने “देशभक्ति के जोश” में दिया था और उनका किसी महिला अधिकारी, भारतीय सेना या समाज के किसी वर्ग का अपमान करने का कोई इरादा नहीं था।
शनिवार को विजय शाह ने कहा कि उन्होंने पहले भी कई बार माफी मांगी है और आज फिर दोहरा रहे हैं कि उनके शब्द उनकी भावनाओं से मेल नहीं खाते थे। उन्होंने कहा कि यह टिप्पणी भावनात्मक क्षण में अनजाने में निकल गई थी।
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 19 जनवरी को राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि दो सप्ताह के भीतर यह तय किया जाए कि विजय शाह के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति दी जाए या नहीं। सुप्रीम कोर्ट के इस निर्देश के बाद कांग्रेस लगातार शाह के इस्तीफे या उन्हें मंत्रिमंडल से हटाने की मांग कर रही है।
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विवाद मई पिछले वर्ष शुरू हुआ था, जब इंदौर जिले के रायकोंडा गांव में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान शाह का बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। उस समय कर्नल सोफिया कुरैशी ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान मीडिया को ब्रीफिंग देने के कारण चर्चा में थीं।
विजय शाह ने कहा कि इस घटना से उन्हें बेहद दुख हुआ और उन्होंने इस पूरे प्रकरण से सीख ली है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में शब्दों की मर्यादा और संवेदनशीलता बेहद जरूरी है और भविष्य में वह अपनी भाषा पर पूरा नियंत्रण रखेंगे।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए शाह की टिप्पणी को आपत्तिजनक और अभद्र बताया था तथा उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। इसके बाद भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
शाह ने अंत में सभी नागरिकों, खासकर भारतीय सेना से एक बार फिर दिल से माफी मांगी और कहा कि वह हमेशा सेना का सम्मान करते रहेंगे।
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