26 जनवरी के अपडेट्स में राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति से जुड़ी दो अहम घटनाएं सुर्खियों में रहीं। पहली बार भारतीय सेना ने ‘फेज्ड बैटल एरे’ फॉर्मेशन में अपने सैन्य संसाधनों का प्रदर्शन किया। यह फॉर्मेशन वास्तविक युद्ध के दौरान अपनाई जाने वाली रणनीतिक तैनाती का प्रतीक है, जिसमें सैन्य उपकरण और टुकड़ियां उसी क्रम में आगे बढ़ती हैं, जैसा युद्ध के समय आवश्यक होता है। गणतंत्र दिवस पर इस तरह का प्रदर्शन न केवल सेना की आधुनिक युद्ध क्षमता को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि भारत बदलते सुरक्षा परिदृश्य के लिए पूरी तरह तैयार है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इस कदम से भारत की सैन्य योजना, तकनीकी मजबूती और रणनीतिक सोच का स्पष्ट संदेश दुनिया तक गया है।
इसी बीच भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) ने सुरक्षा और रक्षा साझेदारी से जुड़े एक महत्वपूर्ण समझौते को अंतिम रूप दे दिया है, जिस पर मंगलवार को हस्ताक्षर होने की संभावना है। यह समझौता ऐसे समय में हो रहा है, जब यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा भारत की यात्रा पर हैं। दोनों नेता गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
उर्सुला वॉन डेर लेयेन शनिवार को नई दिल्ली पहुंचीं, जबकि एंटोनियो कोस्टा रविवार को भारत आए। भारत पहुंचने पर दोनों नेताओं को औपचारिक स्वागत और गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जिससे इस उच्चस्तरीय यात्रा की औपचारिक शुरुआत हुई। माना जा रहा है कि यह दौरा भारत-ईयू संबंधों को नई ऊंचाई देगा और रक्षा, सुरक्षा, तकनीक तथा रणनीतिक सहयोग के क्षेत्रों में आपसी तालमेल को और मजबूत करेगा।
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