देहरादून में पिछले महीने त्रिपुरा के छात्र अंजेल चकमा की हत्या ने अरुणाचल प्रदेश के एक युवा को अपने अतीत के दर्दनाक अनुभवों की याद दिला दी है। 26 वर्षीय ताकाम टोडो, जिन्हें सोशल मीडिया पर ‘अरुणाचल का स्पाइडरमैन’ कहा जाता है, का कहना है कि यह घटना उन्हें 2016 में पुणे में हुए उस हमले की याद दिलाती है, जिसमें वे खुद बच निकले थे।
ताकाम टोडो एक प्रसिद्ध पार्कौर कलाकार हैं। उन्होंने कुछ फिल्मों में स्टंट भी किए हैं और 2019 में उनके एक यूट्यूब वीडियो ने 2.5 करोड़ से अधिक व्यूज़ हासिल किए थे। उस वीडियो में वे दीवारों, छतों और सड़कों पर कूदते, झूलते और दौड़ते नज़र आते हैं। इसी वजह से उन्हें ‘स्पाइडरमैन ऑफ अरुणाचल प्रदेश’ के नाम से पहचान मिली।
हालांकि, टोडो कहते हैं कि आज वे अपनी लोकप्रियता या स्टंट के बारे में बात नहीं करना चाहते। उनका ध्यान सिर्फ अंजेल चकमा की मौत पर है। अंजेल, जो त्रिपुरा के छात्र थे, की देहरादून में छह युवकों के साथ हुई झड़प के बाद मौत हो गई। आरोप है कि झगड़े के दौरान अंजेल के साथ नस्लीय गालियां भी दी गईं।
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टोडो का कहना है कि उत्तर-पूर्व के युवाओं के खिलाफ देश के विभिन्न हिस्सों में नस्लीय भेदभाव और हिंसा की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं। उन्होंने कहा कि अंजेल की मौत केवल एक व्यक्ति की हत्या नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है।
उन्होंने मांग की कि दोषियों को सख्त सज़ा दी जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में किसी भी छात्र या युवक को उसकी पहचान के कारण निशाना न बनाया जाए। टोडो ने कहा कि न्याय मिलने से ही पीड़ित परिवार और उत्तर-पूर्व के युवाओं में भरोसा बहाल हो सकेगा।
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