राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘इको ऑफ स्टूडेंट्स’ रैली का समर्थन करते हुए कहा है कि देश के युवा गंभीर मानसिक दबाव से गुजर रहे हैं और कई छात्र अवसाद का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की पहल का उद्देश्य छात्रों और युवाओं की वास्तविक समस्याओं को देश के सामने लाना है।
अशोक गहलोत ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का युवाओं को सशक्त बनाने का लंबा इतिहास रहा है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में 18 वर्ष की आयु के युवाओं को मतदान का अधिकार दिया गया था, जिससे लोकतंत्र में युवाओं की भागीदारी को मजबूती मिली।
गहलोत ने कहा कि राहुल गांधी का दृष्टिकोण सकारात्मक है और वह देशभर में ऐसा माहौल बनाना चाहते हैं, जहां लोगों को सच बताया जाए और युवाओं की समस्याओं पर खुलकर चर्चा हो। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ियों, पेपर लीक और रोजगार संबंधी चुनौतियों के कारण छात्रों में निराशा बढ़ रही है।
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पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि लाखों छात्र कठिन परिश्रम के साथ अपने भविष्य के लिए तैयारी करते हैं, लेकिन जब परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं तो उनका विश्वास कमजोर होता है। ऐसी परिस्थितियों में युवाओं की भावनाओं और चिंताओं को समझना बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में युवाओं की आवाज को महत्व दिया जाना चाहिए और उनकी समस्याओं का समाधान निकालना सरकार की जिम्मेदारी है। गहलोत ने विश्वास जताया कि राहुल गांधी की यह रैली छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुखता से उठाने में मदद करेगी।
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, यह अभियान युवाओं की आवाज को मजबूती देने और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग को आगे बढ़ाने का प्रयास है।
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