अशुतोष ब्रह्मचारी महाराज, जिन्होंने हिन्दू साधु स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज किया था, को यात्रा के दौरान रेवा एक्सप्रेस में कथित तौर पर धारदार हथियार से हमला किया गया। यह घटना कौशांबी जिले के फतेहपुर और सिराथू रेलवे स्टेशनों के बीच हुई।
सूत्रों के अनुसार हमलावर ने उन्हें धारदार हथियार से घायल करने और नाक काटने की कोशिश की। अशुतोष ने ट्रेन के शौचालय में खुद को बंद करके अपनी जान बचाई। उन्हें कई चोटें आईं, और वह खून से लथपथ प्रयागराज पहुंचे, जहां कोल्विन अस्पताल में उनका इलाज किया गया। डॉक्टरों ने बताया कि अब उनकी हालत स्थिर है और खतरे से बाहर हैं।
अशुतोष ब्रह्मचारी ने घटना के बाद प्रयागराज जंक्शन पर सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि हमला स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े षड़यंत्र का हिस्सा है और हमलावर ने उन्हें धमकी दी थी। उन्होंने कहा कि उनके नाक काटने के लिए 21 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था और यह सार्वजनिक रूप से भी दिखाया गया।
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मामला श्री कृष्ण जन्मभूमि विवाद से जुड़ा है, जिसे 12 मार्च को इलाहाबाद उच्च न्यायालय में सुना जाना है। अशुतोष ब्रह्मचारी उसी मुद्दे से जुड़ी सुनवाई और यौन उत्पीड़न मामले के लिए प्रयागराज जा रहे थे।
जीआरपी की कई टीमें आरोपी की पहचान और सिराथू रेलवे स्टेशन के आसपास जानकारी जुटा रही हैं। पुलिस का मानना है कि हमलावर घटना के समय नशे में हो सकता था। अशुतोष ने सुरक्षा की मांग की है, क्योंकि उनके खिलाफ घोषित इनाम से उनकी जान को खतरा है।
इस पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि उन्हें इस घटना की जानकारी मीडिया के माध्यम से मिली। उन्होंने अपने अनुयायियों को किसी प्रकार की हिंसा न करने का निर्देश दिया और इनाम की चर्चा को नकारते हुए कहा कि यह उनके द्वारा नहीं दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके अनुयायी केवल बौद्धिक रूप से प्रतिक्रिया दें, शारीरिक नहीं।
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