असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोमवार को राज्य के बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए अंतरिम वित्तीय सहायता राशि के वितरण की शुरुआत की। इसके तहत प्रभावित परिवारों को 15 हजार रुपये प्रति परिवार की सहायता राशि सीधे बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से भेजी जा रही है।
यह सहायता कार्यक्रम शिवसागर, चराइदेव, जोरहाट और गोलाघाट जिलों के बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री ने एक कार्यक्रम के दौरान राहत राशि के वितरण की प्रक्रिया का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि राज्य सरकार बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा के कारण जिन परिवारों को नुकसान उठाना पड़ा है, उन्हें तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
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उन्होंने बताया कि डीबीटी प्रणाली के माध्यम से राहत राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंचाई जाएगी, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी और लोगों को जल्द सहायता मिल सकेगी।
असम में हर साल बाढ़ एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आती है। भारी बारिश और नदियों के जलस्तर बढ़ने से कई जिलों में जनजीवन प्रभावित होता है। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों को घर, कृषि भूमि और अन्य संपत्तियों का नुकसान उठाना पड़ता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार राहत और पुनर्वास कार्यों के साथ-साथ बाढ़ से स्थायी समाधान के लिए भी कदम उठा रही है। उन्होंने संबंधित विभागों को प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सेवाएं बहाल करने और लोगों की समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए हैं।
राज्य सरकार के अनुसार, राहत राशि से प्रभावित परिवारों को तत्काल जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। इसमें आवश्यक वस्तुओं की खरीद, मरम्मत और अन्य जरूरी खर्च शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि असम सरकार आपदा के समय लोगों के साथ खड़ी है और प्रभावित नागरिकों को हर संभव सहायता प्रदान करती रहेगी।
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