भारतीय सेना की ‘ऑपरेशन सद्भावना’ पहल के तहत असम राइफल्स ने गुरुवार को मणिपुर के तेंग्नौपाल जिले में एक मेगा विशेषज्ञ चिकित्सा शिविर का आयोजन किया। यह जिला म्यांमार के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करता है और यहां के दूरदराज़ गांवों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच सीमित है। अधिकारियों के अनुसार, इस शिविर का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना और समुदाय के साथ विश्वास को मजबूत करना है।
‘ऑपरेशन सद्भावना’ के अंतर्गत आयोजित इस शिविर में इम्फाल स्थित रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RIMS) के विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम शामिल हुई। इन डॉक्टरों ने नेत्र रोग, सामान्य चिकित्सा, बाल रोग, स्त्री रोग, दंत चिकित्सा और हड्डी रोग सहित कई प्रमुख क्षेत्रों में परामर्श और उपचार प्रदान किया। शिविर में लगभग 2,000 स्थानीय लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और स्वास्थ्य जांच, निवारक परामर्श तथा नि:शुल्क दवाओं का लाभ उठाया।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की मौजूदगी से कई जटिल स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान संभव हो सका। बड़ी संख्या में महिलाओं और बच्चों ने स्त्री रोग और बाल रोग विभाग में विशेष परामर्श प्राप्त किया। इन संवेदनशील वर्गों को आवश्यक पोषण संबंधी पूरक, जांच और स्वास्थ्य मार्गदर्शन भी दिया गया। इससे मातृ और शिशु स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाने में मदद मिली।
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नेत्र रोग और हड्डी रोग विभाग में बुजुर्गों का विशेष रूप से उपचार किया गया। क्षेत्र की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण उम्र से जुड़ी दृष्टि समस्याएं और मांसपेशियों व हड्डियों से संबंधित बीमारियां आम हैं। दंत चिकित्सा अनुभाग में आवश्यक उपचार किए गए और लोगों को मौखिक स्वच्छता तथा दांतों की देखभाल को लेकर परामर्श दिया गया, जो इन दूरस्थ इलाकों में आमतौर पर उपलब्ध नहीं होता।
करीब 65 अधिकारियों और जवानों की एक टुकड़ी ने शिविर के सुचारू संचालन के लिए समन्वय और लॉजिस्टिक सहायता प्रदान की। स्थानीय नागरिक संगठनों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे सीमावर्ती गांवों के हाशिये पर रहने वाले लोगों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों को आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का सीधा लाभ मिला।
यह चिकित्सा शिविर असम राइफल्स द्वारा आयोजित निरंतर चल रहे नागरिक कल्याण कार्यक्रमों की श्रृंखला का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बढ़ाना और नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार करना है। व्यापक स्वास्थ्य जरूरतों को संबोधित कर यह पहल सुरक्षा बलों और स्थानीय समुदायों के बीच संबंधों को और मजबूत कर रही है।
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