बॉम्बे हाईकोर्ट ने एशियाटिक सोसाइटी के चुनावों को स्थगित करने के चैरिटी कमिश्नर के आदेश पर कोई हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि संस्थान के कार्यों को लेकर गंभीर चिंताएं उठाई गई हैं, और इस मामले में अंतरिम राहत के लिए कोई ठोस आधार नहीं प्रस्तुत किया गया है।
कोर्ट के एकल न्यायाधीश जस्टिस जितेंद्र एस जैन ने 13 मार्च के उस आदेश पर रोक लगाने से मना कर दिया, जिसमें चैरिटी कमिश्नर अमोग कलोटी ने 14 मार्च को प्रस्तावित चुनावों को स्थगित कर दिया था और उपसमितियों के माध्यम से नए और योग्य मतदाताओं की सूची तैयार करने का आदेश दिया था।
यह चुनाव एशियाटिक सोसाइटी की प्रबंध समिति में 19 रिक्त सीटों को भरने के लिए होने थे। इस चुनाव में पूर्व कांग्रेस राज्यसभा सदस्य और वरिष्ठ पत्रकार कुमार केतकर और पूर्व बीजेपी राज्यसभा सदस्य विनय सहस्रबुद्धे के नेतृत्व में पैनल मुकाबला कर रहे थे।
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चैरिटी कमिश्नर के आदेश के बाद, सोसाइटी के कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए थे, जिससे यह निर्णय लिया गया कि चुनावों को फिलहाल टाल दिया जाए और एक नई मतदाता सूची तैयार की जाएगी।
यह निर्णय एशियाटिक सोसाइटी के भविष्य के चुनावों और उसकी कार्यप्रणाली पर ध्यान केंद्रित करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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