कलकत्ता हाईकोर्ट ने मंगलवार, 29 सितंबर को पश्चिम बंगाल कांग्रेस की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें बीजेपी की नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव उम्मीदवार हसीरानी रथ के चुनावी हलफनामे में उम्र और शैक्षणिक विवरण को लेकर कथित विसंगति का आरोप लगाया गया था। कांग्रेस ने इन आधारों पर उनकी उम्मीदवारी रद्द करने की मांग की थी।
हसीरानी रथ को बीजेपी ने नंदीग्राम से उम्मीदवार बनाया है। यह सीट मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नंदीग्राम छोड़ने के बाद खाली हुई है। रथ, शुभेंदु अधिकारी के सहयोगी रहे चंद्रनाथ रथ की मां हैं। चंद्रनाथ रथ की मई में मध्यमग्राम में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि हसीरानी रथ के हलफनामे में उनकी उम्र 60 वर्ष से अधिक बताई गई है, जबकि उसमें 1965 में कक्षा 10 की परीक्षा पास करने का उल्लेख है। पार्टी ने इन दोनों विवरणों के बीच विसंगति पर सवाल उठाया था। इससे पहले कांग्रेस की ओर से इस मामले को हाईकोर्ट में उठाया गया था।
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न्यायमूर्ति कृष्ण राव ने कांग्रेस की याचिका खारिज करने का फैसला सुनाया। विस्तृत आदेश बाद में अदालत की वेबसाइट पर अपलोड किए जाने की बात कही गई। न्यायमूर्ति राव ने 25 सितंबर को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा था।
चुनाव आयोग की ओर से दलील दी गई कि नामांकन की जांच 17 सितंबर को पूरी हो चुकी थी और इस चरण में आपत्ति नहीं उठाई जा सकती। आयोग ने यह भी कहा कि हलफनामे में कथित गलत जानकारी अपने आप में नामांकन खारिज करने का आधार नहीं है।
नंदीग्राम में उपचुनाव 6 अक्टूबर को होना है। यह सीट 2026 के विधानसभा चुनावों के बाद शुभेंदु अधिकारी के नंदीग्राम छोड़ने से खाली हुई। नंदीग्राम 2011 के भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन और बाद में शुभेंदु अधिकारी तथा ममता बनर्जी के बीच हुए चुनावी मुकाबले के कारण महत्वपूर्ण रहा है।
कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान भी इस उपचुनाव से जुड़े कानूनी मामले में अदालत पहुंचे थे। उन्हें 2007 के पुराने मामलों के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। बाद में हाईकोर्ट ने उनके चुनाव लड़ने को लेकर राहत दी थी।
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