पंजाब की राजनीति में एक बार फिर बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम चर्चा का विषय बन गया है। पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह की कांग्रेस में संभावित वापसी को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। इस चर्चा को तब और बल मिला जब हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि वह कैप्टन अमरिंदर सिंह के संपर्क में हैं।
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह लंबे समय तक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे हैं और पार्टी में उनका महत्वपूर्ण स्थान रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों नेताओं के बीच संवाद बना हुआ है और भविष्य में बातचीत की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता।
इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा शुरू हो गई है कि क्या कैप्टन अमरिंदर सिंह एक बार फिर कांग्रेस का दामन थाम सकते हैं। हाल ही में उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भी सार्वजनिक रूप से सराहना की थी। कैप्टन ने बताया था कि उनके भाई के निधन के बाद राहुल गांधी ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से फोन कर संवेदना व्यक्त की थी। इस घटना को दोनों नेताओं के बीच सौहार्दपूर्ण संबंधों के संकेत के रूप में देखा गया।
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वहीं, पंजाब भाजपा के हालिया कार्यक्रम में कैप्टन अमरिंदर सिंह की अनुपस्थिति ने भी अटकलों को और बढ़ा दिया। भाजपा द्वारा केवल सिंह ढिल्लों को पंजाब इकाई का नया अध्यक्ष नियुक्त किए जाने पर उन्होंने कहा था कि इस फैसले को लेकर उनसे कोई सलाह नहीं ली गई थी।
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सितंबर 2021 में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस छोड़कर पंजाब लोक कांग्रेस नामक पार्टी बनाई और 2022 विधानसभा चुनाव भाजपा के साथ गठबंधन में लड़ा। चुनाव में हार के बाद उन्होंने अपनी पार्टी का भाजपा में विलय कर लिया था।
हालांकि फिलहाल न तो कैप्टन अमरिंदर सिंह और न ही कांग्रेस नेतृत्व ने उनकी वापसी को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा की है। इसके बावजूद पंजाब की राजनीति में यह मुद्दा चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
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