केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अपने विशेष अभियान ऑपरेशन चक्र-V के तहत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक टेलीकॉम कंपनी के अधिकारी को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी गुरुवार (8 जनवरी, 2026) को की गई। आरोप है कि संबंधित अधिकारी ने नियमों का उल्लंघन करते हुए बड़ी संख्या में सिम कार्डों की अवैध बिक्री कराई, जिनका इस्तेमाल साइबर अपराधों में किया गया।
CBI के अनुसार, गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान बिनु विध्याधरन, वोडाफोन के एरिया सेल्स मैनेजर, दिल्ली के रूप में हुई है। जांच एजेंसी का कहना है कि आरोपी अपने पद का दुरुपयोग करते हुए फर्जी तरीके से सिम कार्ड जारी कराने में शामिल था। ये सिम कार्ड कथित तौर पर बिना उचित सत्यापन और दूरसंचार विभाग (DoT) के नियमों का पालन किए जारी किए गए।
सूत्रों के मुताबिक, आरोपी ने थोक में सिम कार्ड जारी कराने की सुविधा उपलब्ध कराई, जिससे साइबर ठगों और अपराधियों को आसानी से फर्जी पहचान के जरिए ऑनलाइन धोखाधड़ी, ठगी और अन्य आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने में मदद मिली। CBI ने बताया कि इस तरह की गतिविधियां न केवल टेलीकॉम नियमों का उल्लंघन हैं, बल्कि देश की साइबर सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करती हैं।
और पढ़ें: आईआरसीटीसी घोटाला मामला: दिल्ली हाईकोर्ट ने लालू प्रसाद की याचिका पर CBI से जवाब मांगा
CBI का ऑपरेशन चक्र-V विशेष रूप से साइबर अपराध नेटवर्क, फर्जी बैंकिंग, ऑनलाइन ठगी और डिजिटल धोखाधड़ी से जुड़े मामलों पर केंद्रित है। इस अभियान के तहत एजेंसी उन लोगों और नेटवर्क की पहचान कर रही है, जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से साइबर अपराधों को बढ़ावा दे रहे हैं।
जांच एजेंसी ने संकेत दिया है कि मामले में आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं, क्योंकि यह नेटवर्क कई राज्यों और अन्य टेलीकॉम एजेंटों तक फैला हो सकता है। CBI ने आम लोगों से अपील की है कि वे सिम कार्ड खरीदते समय उचित केवाईसी प्रक्रिया का पालन करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना संबंधित एजेंसियों को दें।
और पढ़ें: उन्नाव रेप केस: कुलदीप सेंगर की उम्रकैद निलंबन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएगा CBI