केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बुधवार (28 जनवरी, 2026) को बताया कि उसने इंटरपोल चैनलों के माध्यम से भारत से मलेशिया तक तीन मलेशियाई नागरिकों के प्रत्यर्पण (डिपोर्टेशन) की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। ये तीनों व्यक्ति इंटरपोल रेड नोटिस के तहत वांछित थे और संगठित आपराधिक गतिविधियों में कथित रूप से शामिल होने के आरोपों का सामना कर रहे थे।
सीबीआई के अनुसार, इन व्यक्तियों की पहचान श्रीधरन सुब्रमणियम, प्रतिफकुमार सेल्वराज और नवीनद्रेन राज कुमारासन के रूप में की गई है। मलेशियाई अधिकारियों द्वारा जारी रेड नोटिस के आधार पर ये तीनों भारत में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उन्हें देश में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई।
सीबीआई ने बताया कि मलेशियाई एजेंसियों द्वारा साझा की गई सूचनाओं के अनुसार, ये आरोपी संगठित आपराधिक गतिविधियों से जुड़े मामलों में वांछित हैं। आरोप है कि इन्होंने साझा आपराधिक मंशा के तहत गंभीर अपराधों को अंजाम देने की योजना बनाई थी, जिनका उद्देश्य भौतिक लाभ, शक्ति या प्रभाव हासिल करना था।
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सीबीआई ने स्पष्ट किया कि इंटरपोल के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय सहयोग के तहत आवश्यक कानूनी और प्रक्रियात्मक कदम उठाए गए, ताकि इन आरोपियों को सुरक्षित रूप से मलेशिया वापस भेजा जा सके। यह कार्रवाई भारत की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत वह अंतरराष्ट्रीय अपराधों से निपटने और वैश्विक कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ सहयोग को मजबूत करने के लिए तत्पर है।
अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की कार्रवाइयां सीमा पार संगठित अपराध, अवैध नेटवर्क और अंतरराष्ट्रीय आपराधिक गिरोहों के खिलाफ प्रभावी लड़ाई में अहम भूमिका निभाती हैं। सीबीआई ने दोहराया कि वह इंटरपोल और अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर ऐसे मामलों में आगे भी सहयोग जारी रखेगी, ताकि अपराधियों को कानून से बचने का कोई मौका न मिल सके।
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