दिल्ली में शुक्रवार को सुरक्षा कारणों से 11 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार अगले आदेश तक बंद कर दिए गए हैं। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने बताया कि जनपथ, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय, राजीव चौक, सेवा तीर्थ, मंडी हाउस, लोक कल्याण मार्ग, आईएनए, चावड़ी बाजार, रामकृष्ण आश्रम मार्ग और नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन पर प्रवेश और निकास बंद रहेगा।
हालांकि, यात्रियों के लिए राजीव चौक, मंडी हाउस, नई दिल्ली और केंद्रीय सचिवालय स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध रहेगी। सुरक्षा व्यवस्था के कारण यात्रियों को यात्रा से पहले मार्ग और यातायात संबंधी जानकारी देखने की सलाह दी गई है।
इस बीच, दिल्ली पुलिस ने गांधी जयंती के अवसर पर जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। प्रदर्शन का आयोजन अखिल भारतीय छात्र संघ (आइसा), राज्यसभा सांसद मनोज झा और सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता प्रशांत भूषण से जुड़े आयोजकों द्वारा किया गया था। प्रदर्शन शुक्रवार सुबह 11 बजे प्रस्तावित है।
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नई दिल्ली जिले और जंतर-मंतर इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई है। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन में करीब 3,000 से 4,000 लोगों के शामिल होने की संभावना थी। इसके मद्देनजर दिल्ली पुलिस के साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के जवानों को भी तैनात किया गया है।
इलाके में कई बैरिकेड लगाए गए हैं और प्रवेश तथा निकास बिंदुओं के अलावा संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। पुलिस का उद्देश्य अनधिकृत भीड़ को रोकना और यातायात व्यवस्था बनाए रखना है।
प्रदर्शन के आयोजक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे या महाभियोग की मांग कर रहे हैं। उन्होंने मतदाता सूची और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए हैं। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने भी लोगों से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है।
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