अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि इजरायल जा रहे फ्लाईदुबई यात्री विमान को कथित तौर पर दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश करने वाले सह-पायलट के ईरान से संभावित संबंध की जांच की जा रही है। गुरुवार को व्हाइट हाउस में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी अधिकारी इस मामले की पड़ताल कर रहे हैं।
जब उनसे पूछा गया कि क्या सह-पायलट और ईरान के बीच किसी संभावित संबंध के बारे में उन्हें जानकारी दी गई है, तो ट्रंप ने कहा कि मामले की जांच जारी है। उन्होंने संकेत दिया कि उन्हें मिल रही शुरुआती जानकारी के आधार पर ईरानी संबंध की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, उन्होंने कथित संबंध को लेकर कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की।
ट्रंप से पूछा गया कि अगर जांच में ईरान की भूमिका सामने आती है तो क्या अमेरिका तेहरान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करेगा। इस पर उन्होंने कड़ी कार्रवाई की चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान को इसका गंभीर जवाब मिलेगा।
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इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी इस घटना को लेकर दावा किया कि सह-पायलट को “कट्टरपंथी इस्लामी विचारधारा” से प्रभावित किया गया था। हालांकि, उन्होंने अपने दावे के समर्थन में विस्तृत जानकारी नहीं दी। संयुक्त अरब अमीरात के मुख्य अभियोजक ने भी घटना की जांच शुरू होने की पुष्टि की है। इसमें संभावित आतंकवादी गतिविधि या मंशा की जांच भी शामिल है।
घटना बुधवार को हुई थी। आरोप है कि सह-पायलट ने विमान पर नियंत्रण हासिल करने की कोशिश की, जिसके बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने हस्तक्षेप किया। विमान में ज्यादातर इजरायली यात्री सवार थे। बाद में विमान को सऊदी अरब की ओर मोड़ा गया और तबुक स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुलअजीज हवाईअड्डे पर आपातकालीन लैंडिंग कराई गई।
इस घटना के दौरान भारतीय पायलट स्मित मच्छार गंभीर रूप से घायल हुए। विमान को सुरक्षित उतारने में उनकी भूमिका की सराहना की जा रही है। घटना के बाद भारत में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई लोगों ने उनके साहस की प्रशंसा की। नेतन्याहू और ट्रंप ने भी भारतीय पायलट के साहस की सराहना की है।
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