दिल्ली में यातायात जाम कम करने, प्रदूषण घटाने और सार्वजनिक परिवहन को मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। दिल्ली सरकार ने मेट्रो नेटवर्क के विस्तार के लिए फेज-4 के शेष तीन कॉरिडोरों हेतु 3,386.18 करोड़ रुपये की अपनी हिस्सेदारी जारी कर दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि मेट्रो विस्तार से राजधानी में ट्रैफिक का दबाव कम होगा, पर्यावरण को लाभ मिलेगा और दिल्ली को एक आधुनिक शहर के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।
सरकारी बयान के अनुसार, इस फंडिंग से दिल्ली मेट्रो रेल ट्रांजिट सिस्टम (MRTS) के फेज-4 के तहत निर्माण कार्य को गति मिलेगी। पहला कॉरिडोर गोल्डन लाइन का विस्तार होगा, जो दक्षिण दिल्ली में लाजपत नगर से साकेत जी-ब्लॉक तक जाएगा। यह लाइन लगभग 8.385 किलोमीटर लंबी होगी और पूरी तरह एलिवेटेड होगी। इस कॉरिडोर पर कुल आठ स्टेशन बनाए जाएंगे, जिससे दक्षिण दिल्ली के रिहायशी और व्यावसायिक इलाकों को सीधा लाभ मिलेगा।
दूसरा कॉरिडोर ग्रीन लाइन का विस्तार होगा, जो उत्तर-पश्चिम दिल्ली के इंद्रलोक से पूर्वी दिल्ली के इंद्रप्रस्थ तक जाएगा। इसकी कुल लंबाई 12.377 किलोमीटर होगी। इस रूट पर कुल 10 स्टेशन प्रस्तावित हैं, जिनमें एक स्टेशन एलिवेटेड और नौ स्टेशन भूमिगत होंगे। मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि इस कॉरिडोर से उत्तर और मध्य दिल्ली के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी और यात्रियों का समय बचेगा।
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दिल्ली सरकार का मानना है कि मेट्रो नेटवर्क के विस्तार से निजी वाहनों पर निर्भरता घटेगी, जिससे प्रदूषण में कमी आएगी। साथ ही, यह परियोजना रोजगार सृजन, शहरी विकास और राजधानी की आधारभूत संरचना को मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभाएगी। फेज-4 के पूरे होने के बाद दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क और अधिक व्यापक व सुविधाजनक हो जाएगा।
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