दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले पुलिस ने राजधानी के सभी 15 जिलों में आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों को हिरासत में लिया है। यह प्रदर्शन मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर बुलाया गया है। पार्टी ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान कथित अनियमितताओं को लेकर विरोध जताया है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, प्रत्येक जिले से 30 से 40 लोगों को हिरासत में लिया गया है। इसके अलावा, प्रदर्शन में शामिल होने की योजना बना रहे कुछ अन्य लोगों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है। पुलिस ने ऐसे लोगों के घरों के बाहर निगरानी बढ़ा दी है।
राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगभग 25,000 पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात किया गया है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) की 120 से अधिक कंपनियां दिल्ली पुलिस की सहायता कर रही हैं। स्थिति पर नजर रखने के लिए नई दिल्ली जिले को 20 जोन में बांटा गया है।
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45 मेट्रो स्टेशन बंद, रेल सेवाओं पर भी असर
सुरक्षा व्यवस्था के तहत राजीव चौक, नई दिल्ली, पटेल चौक, मंडी हाउस और कश्मीरी गेट सहित 45 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद कर दिए गए हैं। इससे पहले दिल्ली पुलिस ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) से 57 स्टेशन बंद करने का अनुरोध किया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद यह संख्या घटाकर 45 कर दी गई।
मध्य दिल्ली में इंटरनेट सेवाएं भी निलंबित कर दी गई हैं। इसके अलावा, नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों पर निर्धारित समय के दौरान पहुंचने वाली कई ट्रेनें रद्द किए जाने की खबर है। राजधानी में शराब की दुकानें भी बंद रखी गई हैं। पुलिस धार्मिक स्थलों के प्रतिनिधियों से भी शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील कर रही है।
प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार
दिल्ली पुलिस ने कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका जताते हुए सीजेपी को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है। सह-संयोजक सौरव दास और संयुक्त सचिव बालकृष्ण को भेजे पत्र में पुलिस ने कहा कि प्रदर्शन से राजधानी में गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है।
सीजेपी का आरोप है कि एसआईआर की आड़ में मतदाता सूचियों में गड़बड़ी की जा रही है और मतदाता पंजीकरण के लिए जरूरी फॉर्म-6 में बदलाव के दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने अपने दो सहयोगियों को दरकिनार किया। इन आरोपों को लेकर पार्टी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है।
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