दिल्ली में शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर होने वाले इस प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने बॉडी कैमरे, फेस रिकग्निशन सिस्टम, सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन और छतों पर तैनात निगरानीकर्मियों की मदद से सुरक्षा का व्यापक इंतजाम किया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, मध्य दिल्ली में कई फेस रिकग्निशन सिस्टम और अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की तैयारी है। जंतर-मंतर के आसपास पहले से ही कई कैमरे लगाए गए हैं। होटल ली मेरिडियन के नजदीक गोलचक्कर के आसपास सुरक्षा पर नजर रखने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है। पुलिसकर्मियों को संयम बरतने और बिना अनुमति भीड़ जुटने से रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिसकर्मियों की वर्दी पर बॉडी कैमरे
प्रदर्शन के दौरान तैनात पुलिसकर्मियों को वर्दी पर लगाए जाने वाले बॉडी कैमरे दिए गए हैं। ये कैमरे कम रोशनी में भी काम कर सकते हैं और पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच होने वाली बातचीत एवं घटनाओं को रिकॉर्ड करेंगे।
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एक पुलिसकर्मी ने बताया कि इन कैमरों से पुलिस और आम नागरिकों, दोनों की सुरक्षा में मदद मिलेगी। किसी विवाद या दुर्व्यवहार के आरोप की स्थिति में रिकॉर्डिंग सबूत के तौर पर काम कर सकती है। दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल धर्मेंद्र ने भी कहा कि इन कैमरों का उद्देश्य प्रदर्शनकारियों द्वारा पुलिसकर्मियों के साथ कथित दुर्व्यवहार की घटनाओं को रिकॉर्ड करना है।
35 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात
सुरक्षा व्यवस्था के तहत दिल्ली में पुलिस और अर्धसैनिक बलों के 35 हजार से अधिक जवान तैनात किए गए हैं। पुलिस को लगभग सात हजार प्रदर्शनकारियों के पहुंचने की आशंका है। अधिकारियों ने जवानों को पेशेवर रवैया अपनाने और उकसावे वाली गतिविधियों पर प्रतिक्रिया देने से बचने के निर्देश दिए हैं।
हिरासत में लिए गए लोगों को छत्रसाल स्टेडियम, राजीव गांधी स्टेडियम, यमुना स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, सूरजमल स्टेडियम तथा दौलतपुर और पंडरवाल के सामुदायिक केंद्रों में रखा जा सकता है। महिला सुरक्षाकर्मियों को उत्तर प्रदेश और हरियाणा से भी बुलाया गया है।
सीमाओं पर जांच सख्त
दक्षिणी जिले के डीसीपी अनंत मित्तल ने बताया कि प्रदर्शन में शामिल होने आने वाले संगठनों के सदस्यों की पहचान के लिए दिल्ली की सीमाओं पर जांच बढ़ा दी गई है। ड्रोन और सीसीटीवी से भी निगरानी की जा रही है। पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत जारी आदेशों का पालन करने की अपील की है।
क्यों हो रहा है प्रदर्शन?
सीजेपी मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर जवाबदेही की मांग कर रही है और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का विरोध कर रही है। दिल्ली पुलिस ने कानून-व्यवस्था संबंधी चिंताओं, पर्याप्त पूर्व सूचना नहीं मिलने और पहले के प्रदर्शन से जुड़े निर्देशों के कथित उल्लंघन का हवाला देते हुए अनुमति देने से इनकार किया है।
इसके बावजूद पार्टी ने जंतर-मंतर पर दोबारा प्रदर्शन करने का आह्वान किया है। छात्र संगठनों और अन्य राजनीतिक समूहों के शामिल होने की संभावना से सुरक्षा एजेंसियों की चुनौती और बढ़ गई है।
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