राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने गुरुवार को एफआईसीसीआई एफएलओ प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने स्थानीय उत्पादों और स्वदेशी कारीगरों को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देशी उत्पादों को बढ़ावा देना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का साझा दायित्व है।
प्रदर्शनी के उद्घाटन के बाद उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए दिया कुमारी ने कहा कि स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को अधिक पहचान दिलाने के लिए सोशल मीडिया का प्रभावी उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यमों के जरिए छोटे कारोबारियों और हस्तशिल्प से जुड़े लोगों को बड़े बाजारों तक पहुंच मिल सकती है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान की कला, संस्कृति और हस्तशिल्प परंपरा देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में अपनी अलग पहचान रखती है। यहां के कारीगर सदियों पुरानी तकनीकों और रचनात्मकता के माध्यम से शानदार उत्पाद तैयार करते हैं। ऐसे उत्पादों को प्रोत्साहन मिलने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
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उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए स्थानीय उत्पादों की खरीद और उनके प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देना जरूरी है। उन्होंने महिलाओं और छोटे उद्यमियों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि वे आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
एफआईसीसीआई एफएलओ प्रदर्शनी में विभिन्न क्षेत्रों के उद्यमियों, महिला व्यापारियों और कारीगरों ने अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया। प्रदर्शनी का उद्देश्य स्थानीय प्रतिभाओं, हस्तशिल्प और छोटे व्यवसायों को एक मंच उपलब्ध कराना है।
दिया कुमारी ने कहा कि राजस्थान सरकार राज्य के पारंपरिक उद्योगों, हस्तकला और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे स्थानीय उत्पादों को अपनाकर कारीगरों और छोटे व्यापारियों को आगे बढ़ाने में सहयोग करें।
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