रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आधुनिक युद्ध में ड्रोन प्रौद्योगिकी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है और इसे राष्ट्रीय रक्षा नीति का अभिन्न हिस्सा बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन देशों ने ड्रोन तकनीक में निवेश किया है, उन्होंने इस क्षेत्र में उल्लेखनीय बढ़त हासिल की है, जबकि कई अन्य देश पीछे रह गए हैं।
एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने अपने छह से साढ़े छह साल के रक्षा मंत्री के अनुभव को साझा करते हुए कहा कि दुनिया भर में युद्ध की प्रकृति तेजी से बदल रही है और ड्रोन इसका अहम हिस्सा बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल निगरानी या हमले के उपकरण नहीं हैं, बल्कि रणनीतिक बढ़त हासिल करने का प्रभावी साधन बन चुके हैं।
रक्षा मंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत को भी इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना होगा और विदेशी तकनीक पर निर्भरता कम करनी होगी। उन्होंने कहा कि देश में अनुसंधान, डिजाइन और उत्पादन के माध्यम से स्वदेशी ड्रोन क्षमता विकसित करनी चाहिए।
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राजनाथ सिंह ने रक्षा क्षेत्र की कंपनियों, स्टार्टअप्स और अनुसंधान संस्थानों से आह्वान किया कि वे ड्रोन तकनीक को प्राथमिकता दें और सरकार भी इसे नीति के स्तर पर समर्थन देगी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में युद्ध की दिशा और परिणाम काफी हद तक ड्रोन तकनीक की उपलब्धता और दक्षता पर निर्भर करेंगे।
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