निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने बुधवार को दिल्ली समेत चार राज्यों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की समयसीमा बढ़ाने का फैसला लिया है। आयोग ने दिल्ली, पंजाब, तेलंगाना और कर्नाटक में मतदाता सत्यापन प्रक्रिया के लिए तय कार्यक्रम में बदलाव किया है।
नए कार्यक्रम के अनुसार, दिल्ली में एसआईआर के तहत चल रही घर-घर जाकर मतदाता सत्यापन (एन्यूमरेशन) प्रक्रिया अब 8 अगस्त तक जारी रहेगी। इससे पहले इस प्रक्रिया को पूरा करने की अंतिम तारीख 29 जुलाई निर्धारित की गई थी।
निर्वाचन आयोग ने बताया कि समयसीमा बढ़ाने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी पात्र मतदाताओं का सत्यापन सही तरीके से हो सके और मतदाता सूची में किसी भी तरह की त्रुटि को दूर किया जा सके।
और पढ़ें: दिल्ली में मतदाता सूची पुनरीक्षण की समयसीमा बढ़ी, चुनाव आयोग ने जारी किया नया शेड्यूल
आयोग के अनुसार, दिल्ली के अलावा पंजाब, तेलंगाना और कर्नाटक में भी एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े चरणों की तारीखों में संशोधन किया गया है। इसके तहत एन्यूमरेशन अवधि और अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तारीखों को आगे बढ़ाया गया है।
विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का उद्देश्य मतदाता सूचियों को अपडेट करना, नए पात्र मतदाताओं को शामिल करना और अपात्र या स्थानांतरित हो चुके मतदाताओं के नामों की जांच करना है। इसके लिए बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा घर-घर जाकर जानकारी जुटाई जा रही है।
निर्वाचन आयोग ने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए प्रशासनिक और व्यावहारिक चुनौतियों को देखते हुए राज्यों के कार्यक्रमों में आवश्यक बदलाव किए जा रहे हैं।
दिल्ली में एसआईआर प्रक्रिया के तहत बड़ी संख्या में मतदाताओं के विवरण की जांच की जा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सत्यापन प्रक्रिया को पारदर्शी और सुचारु तरीके से पूरा करें।
आयोग ने उम्मीद जताई है कि समय बढ़ाने से अधिक से अधिक नागरिकों को अपनी जानकारी सत्यापित कराने और दावे एवं आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर मिलेगा। अंतिम मतदाता सूची तय प्रक्रिया पूरी होने के बाद जारी की जाएगी।
और पढ़ें: जयराम रमेश का हमला: मनमोहन सिंह चुनाव आयोग को लोकतंत्र की आत्मा मानते थे, मोदी सरकार उसे राजनीतिक औजार बना रही