भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने खाद्य उत्पादों की पैकेजिंग और प्रचार में कथित भ्रामक दावों को लेकर नेस्ले इंडिया और हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड को नोटिस जारी किए हैं। नियामक ने कंपनियों से निर्धारित समयसीमा के भीतर अपना जवाब देने को कहा है।
एफएसएसएआई ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि हिंदुस्तान यूनिलीवर के कुछ उत्पादों के दावों की जांच की गई। इनमें हॉर्लिक्स वुमेन्स प्लस चॉकलेट न्यूट्रिशन ड्रिंक और हॉर्लिक्स मदर्स प्लस केसर शामिल हैं। प्राधिकरण ने हड्डियों की मजबूती, नवजात शिशु के स्वस्थ जन्म-वजन और “बिना अतिरिक्त चीनी” जैसे दावों पर सवाल उठाए हैं।
नियामक के अनुसार, कुछ दावे भ्रामक पाए गए या खाद्य सुरक्षा से जुड़े लागू नियमों के अनुरूप नहीं थे। कंपनी को इस संबंध में अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है।
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एक अन्य मामले में, नेस्ले इंडिया और दो डेयरी निर्माताओं को नेस्कैफे के रेडी-टू-ड्रिंक कॉफी उत्पादों की लेबलिंग तथा ऑनलाइन विवरण को लेकर नोटिस जारी किए गए हैं। एफएसएसएआई ने उत्पादों के विवरण और उनमें घोषित खाद्य श्रेणियों के बीच कथित विसंगतियों को रेखांकित किया है।
इसके अलावा, नेस्ले इंडिया को रिसोर्स रीनल वनीला फ्लेवर पाउडर के मामले में भी नोटिस मिला है। यह उत्पाद दीर्घकालिक गुर्दा रोग से पीड़ित लोगों के आहार प्रबंधन के लिए बनाया गया है। नियामक के मुताबिक, आवश्यक पूर्व मंजूरी के बिना इसका विपणन किया गया।
एफएसएसएआई ने संबंधित कंपनियों से नोटिस पर जवाब मांगा है। कंपनियों के स्पष्टीकरण और लागू नियमों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल, नोटिस जारी होने का अर्थ अंतिम दंड तय होना नहीं है; मामले में संबंधित कंपनियों का पक्ष और नियामक की आगे की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।
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