हिमाचल प्रदेश में स्कूल कॉम्प्लेक्स सिस्टम के विरोध में प्राथमिक शिक्षकों का आंदोलन और तेज हो गया है। राज्यभर से आए हजारों प्राथमिक शिक्षक रविवार को शिमला के ऐतिहासिक चौड़ा मैदान में एकत्र हुए और अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। इससे पहले शिक्षक 15 दिनों तक पूरे राज्य में पदयात्रा कर लोगों को अपनी मांगों से अवगत करा चुके हैं।
शिक्षकों का कहना है कि राज्य सरकार द्वारा लागू किए जा रहे स्कूल कॉम्प्लेक्स सिस्टम से प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उनका आरोप है कि इस व्यवस्था के कारण छोटे स्कूलों की स्वायत्तता प्रभावित होगी, शिक्षकों पर अतिरिक्त प्रशासनिक बोझ बढ़ेगा और विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित हो सकती है।
प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने राज्य सरकार से इस नीति को तत्काल वापस लेने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक उनका आंदोलन और अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रहेगी।
और पढ़ें: नीति आयोग के निवेश अनुकूलता सूचकांक 2026 में हिमाचल प्रदेश तीसरा सबसे निवेश-अनुकूल पहाड़ी राज्य
शिमला के चौड़ा मैदान में बड़ी संख्या में जुटे शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि वे शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने वाले किसी भी निर्णय का विरोध करेंगे। आंदोलन में शामिल शिक्षकों का कहना है कि उन्होंने पिछले 15 दिनों में प्रदेश के विभिन्न जिलों में पदयात्रा कर आम लोगों और अभिभावकों को भी इस मुद्दे से अवगत कराया है।
शिक्षक संगठनों का कहना है कि वे सरकार के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन इसके लिए पहले सरकार को उनकी चिंताओं को गंभीरता से सुनना होगा। उनका मानना है कि बिना शिक्षकों से व्यापक चर्चा किए लागू की गई किसी भी नई व्यवस्था से शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।
इस बीच, आंदोलन को लेकर प्रदेश की राजनीति भी गर्मा गई है। विभिन्न शिक्षक संगठनों ने सरकार से जल्द समाधान निकालने की अपील की है, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो और शिक्षा व्यवस्था सामान्य रूप से संचालित होती रहे।
और पढ़ें: हिमाचल: एचपीयू के 57वें स्थापना दिवस पर शिक्षकों ने सीएम सुक्खू से CAS प्रमोशन बहाल करने की मांग की