भारतीय वायुसेना प्रमुख ने पूर्वी वायु कमान (EAC) कमांडर्स कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए उच्च स्तरीय तैयारियों और आपसी तालमेल पर जोर दिया। सम्मेलन में वायुसेना की मौजूदा संचालन क्षमता, रणनीतिक योजनाओं और भविष्य की चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
वायुसेना प्रमुख ने कहा कि क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य तेजी से बदल रहा है, जिसके मद्देनज़र वायुसेना को हर समय मिशन-तैयार रहना होगा। उन्होंने बलों के बीच बेहतर समन्वय, संसाधनों के कुशल उपयोग और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी के अनुकूलन पर भी बल दिया।
सम्मेलन के दौरान वायुसेना प्रमुख ने उन वायुसेना स्टेशनों को ट्रॉफियां प्रदान कीं जिन्होंने संचालन, रखरखाव और प्रशासनिक क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। यह सम्मान न केवल इकाइयों की मेहनत को मान्यता देता है, बल्कि अन्य इकाइयों को भी प्रेरित करता है।
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उन्होंने कहा कि वायुसेना का लक्ष्य केवल मौजूदा खतरों का मुकाबला करना नहीं है, बल्कि भविष्य में संभावित चुनौतियों के लिए अग्रिम तैयारी करना भी है। प्रशिक्षण, युद्धाभ्यास और नवीन तकनीकों के उपयोग के जरिए बल की दक्षता को लगातार बढ़ाना जरूरी है।
वायुसेना प्रमुख ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तीनों सेनाओं के बीच मजबूत तालमेल और साझा रणनीति अनिवार्य है। उन्होंने अधिकारियों को भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार आवश्यक संसाधन और सहयोग उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
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