कानपुर स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी कानपुर) ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित एक ऐसी प्रणाली की क्षमता प्रदर्शित की है, जो सरकारों को कल्याणकारी योजनाओं के लिए जरूरतमंद परिवारों की पहचान करने में मदद कर सकती है। संस्थान का दावा है कि इसके लिए सरकारी प्रणालियों में पहले से उपलब्ध आंकड़ों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
आईआईटी कानपुर की एआई आधारित फैमिली स्कोर प्रणाली परिवारों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति का आकलन करने के लिए विभिन्न सरकारी आंकड़ों का विश्लेषण करती है। इसका उद्देश्य ऐसे परिवारों की पहचान करना है, जिन्हें सरकारी सहायता, सामाजिक सुरक्षा या अन्य कल्याणकारी योजनाओं की जरूरत हो सकती है।
आम तौर पर सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए विभिन्न प्रक्रियाओं और दस्तावेजों की आवश्यकता होती है। ऐसे में डेटा आधारित एआई प्रणाली सरकारी एजेंसियों को उपलब्ध जानकारी का व्यापक विश्लेषण करने और संभावित जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचने में सहायता कर सकती है।
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फैमिली स्कोर परिवार की सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों को एक व्यवस्थित तरीके से समझने में मदद कर सकता है। इससे सरकारों को यह तय करने में सहायता मिल सकती है कि किन परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर सहायता की आवश्यकता है। ऐसी व्यवस्था का इस्तेमाल गरीबी उन्मूलन, सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य सरकारी कल्याणकारी कार्यक्रमों की योजना बनाने में किया जा सकता है।
आईआईटी कानपुर की यह पहल सरकारी कल्याण व्यवस्था में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते इस्तेमाल को दर्शाती है। हालांकि, ऐसी तकनीक के इस्तेमाल के साथ आंकड़ों की शुद्धता, गोपनीयता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना भी जरूरी होगा।
यदि सरकारी रिकॉर्ड में मौजूद आंकड़ों का सुरक्षित और जिम्मेदारी से इस्तेमाल किया जाए, तो एआई आधारित फैमिली स्कोर जरूरतमंद परिवारों की पहचान को अधिक तेज और प्रभावी बना सकता है। इससे सरकारी संसाधनों को सही लाभार्थियों तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है और कल्याणकारी योजनाओं का प्रभाव बढ़ाया जा सकता है।
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