कनाडा में भारत के उच्चायुक्त दिनेश के. पटनायक ने वर्ष 2023 में सिख अलगाववादी नेता की हत्या को लेकर भारत पर लगाए गए कनाडा के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह मामला चार व्यक्तियों के खिलाफ है, न कि भारत सरकार के खिलाफ।
मंगलवार (14 जनवरी, 2026) को दिए एक साक्षात्कार में श्री पटनायक ने कहा कि इन आरोपों के समर्थन में अब तक कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया गया है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि जून 1985 में हुए एयर इंडिया बम विस्फोट की जांच दशकों बाद भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है और इस मामले में अब तक एक भी व्यक्ति को दोषी ठहराया नहीं गया है, जबकि भारत पिछले 40 वर्षों से कनाडा में आतंकवाद के मुद्दे को उठाता रहा है।
श्री पटनायक की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब ब्रिटिश कोलंबिया के प्रीमियर डेविड एबी व्यापार मिशन पर भारत दौरे पर हैं और नई दिल्ली व ओटावा के बीच रिश्तों में धीरे-धीरे सुधार देखा जा रहा है। सितंबर 2023 में तत्कालीन कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने सरे शहर में एक गुरुद्वारे के बाहर हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंटों की “संभावित” भूमिका का आरोप लगाया था, जिससे दोनों देशों के संबंधों में तनाव आ गया था।
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भारत ने, जिसने 2020 में निज्जर को आतंकवादी घोषित किया था, इन आरोपों को “बेतुका” और “प्रेरित” करार दिया था। श्री पटनायक ने कहा कि यदि कनाडा भारत को ठोस सबूत उपलब्ध कराता है तो भारत कार्रवाई करने के लिए तैयार है। उन्होंने दोहराया कि केवल जानकारी देना पर्याप्त नहीं है, सबूत आवश्यक हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि जब भारत कनाडा को जानकारी देता है, तो अक्सर उस पर कार्रवाई नहीं होती, लेकिन बाद में वही बातें सही साबित होती हैं। भारत सरकार पर लगे आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि भारत सरकार कभी इस तरह की गतिविधियों में शामिल नहीं होती।
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