अमेरिका के संयुक्त राज्य सुप्रीम कोर्ट द्वारा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वैश्विक टैरिफ को रद्द किए जाने के बाद भारत ने सावधानीपूर्ण प्रतिक्रिया दी है। केंद्रीय संसदीय कार्य और कोयला मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि भारत सरकार इस फैसले का अध्ययन करेगी और उसके बाद ही आधिकारिक बयान जारी किया जाएगा।
शनिवार को जोशी ने कहा कि यह मामला वाणिज्य मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र में आता है। इसलिए औपचारिक प्रतिक्रिया वही मंत्रालय देंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार रिपोर्टों के आधार पर जल्दबाजी में कोई टिप्पणी नहीं करेगी।
सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से ट्रंप द्वारा लगाए गए व्यापक वैश्विक टैरिफ को असंवैधानिक ठहराया। फैसले के बाद ट्रंप ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कुछ न्यायाधीशों को संविधान के प्रति “वफादार नहीं” बताया। इसके तुरंत बाद उन्होंने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर विदेशी वस्तुओं पर 10% टैरिफ लगाने की घोषणा की।
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भारत में इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि यह फैसला अंतरिम भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर सवाल खड़े करता है। वहीं कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी समझौते की आलोचना की।
विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों को प्रभावित कर सकता है। वाणिज्य मंत्रालय और विदेश मंत्रालय जल्द ही विस्तृत आधिकारिक बयान जारी कर सकते हैं।
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