भारत और पाकिस्तान के 117 प्रमुख नागरिकों ने संयुक्त रूप से एक खुला पत्र लिखकर दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों नरेंद्र मोदी और शहबाज शरीफ से द्विपक्षीय वार्ता दोबारा शुरू करने तथा जम्मू-कश्मीर सहित विभिन्न लंबित मुद्दों पर शांतिपूर्ण संवाद बहाल करने की अपील की है।
यह पहल सेंटर फॉर पीस एंड प्रोग्रेस के अध्यक्ष ओ.पी. शाह के नेतृत्व में की गई। दोनों देशों के बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों द्वारा हस्ताक्षरित इस पत्र में भारत और पाकिस्तान से क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने के लिए तनाव कम करने और आपसी विश्वास बहाल करने की दिशा में ठोस कदम उठाने का आग्रह किया गया है।
पत्र में कहा गया है कि दक्षिण एशिया में स्थायी शांति और विकास के लिए दोनों देशों के बीच संवाद का पुनः आरंभ होना बेहद आवश्यक है। हस्ताक्षरकर्ताओं ने सुझाव दिया कि जम्मू-कश्मीर से जुड़े मुद्दों पर भी बातचीत फिर से शुरू की जाए और सीमा क्षेत्रों में सैन्य तनाव कम करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
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खुले पत्र में दोनों देशों से आग्रह किया गया है कि वे टकराव की बजाय कूटनीतिक संवाद का रास्ता अपनाएं, ताकि क्षेत्र में स्थिरता, आर्थिक सहयोग और लोगों के बीच विश्वास को मजबूत किया जा सके। हस्ताक्षरकर्ताओं का मानना है कि लगातार तनाव का असर दोनों देशों की जनता, व्यापार, विकास और क्षेत्रीय शांति पर पड़ता है।
इस पहल के तहत दोनों प्रधानमंत्रियों से सभी लंबित द्विपक्षीय मुद्दों पर रचनात्मक बातचीत शुरू करने और ऐसे माहौल का निर्माण करने की अपील की गई है, जिससे भविष्य में संबंध सामान्य हो सकें। पत्र में यह भी कहा गया कि संवाद और सहयोग ही दोनों देशों के बीच स्थायी शांति और बेहतर भविष्य का सबसे प्रभावी माध्यम है।
हालांकि, इस पत्र पर भारत और पाकिस्तान की सरकारों की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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